हाथरस। तीन साल पहले सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के बेटे रजत अग्रवाल पर जानलेवा हमला करने के आरोप में कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद शनिवार को दिनभर जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय के कोर्ट में सरेंडर करने पर नजरे टिकीं रहीं। हालांकि रामेश्वर उपाध्याय ने सरेंडर नहीं किया। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय और उनके अनुज जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय इस मामले में कानूनी राय मशविरा ले रहे हैं और इसके बाद ही कोई कदम उठाने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद शनिवार को पांचों आरोपियों में से किसी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की कोशिश नहीं की, जबकि पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा था कि गिरफ्तारी नहीं होने पर दबिश दी जाएगी।
उपाध्याय के परिजन इस मामले में कानूनी राय-मशविरा ले रहे हैं। उनका कहना है कि वह अभी रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे, लेकिन रामेश्वर के विरुद्ध साजिश रचने वालों को आसानी से नहीं छोड़ा जाएगा। मालूम हो कि सादाबाद के सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के पुत्र रजत अग्रवाल पर हुए जानलेवा हमले के आरोप में दर्ज मुकदमे में रामेश्वर उपाध्याय समेत पांच आरोपियों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके आधार पर जिले के कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी ने शुक्रवार को रामेश्वर की गिरफ्तारी के लिए उनके आगरा रोड स्थित आवास पर दबिश दी थी। इसके बाद बसपाइयों ने जमकर हंगामा किया था और कोतवाली का घेराव किया था।