सहपऊ कोतवाली में पहुंचे विधायक शिकायत दर्ज करते हुए
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सहपऊ क्षेत्र के एक सपा नेता का लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में नाम सामने आया है। सपाइयों का आरोप है कि बसपा नेताओं के इशारे पर इस नेता को झूठा फंसाया जा रहा है। बड़ी संख्या में सपाई एकजुट होकर कोतवाली सहपऊ पहुंच गए।
बाद में क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी समर्थकों के साथ कोतवाली आ गए। उन्होंने भी बसपा नेताओं के इशारे पर सपा नेता को फंसाने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया और कहा कि इस मामले से सपा नेता का कोई लेना-देना नहीं है। उनके कार्यकर्ताओं के सही मुकदमे भी नहीं लिख जा रहे।
क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने कुछ दिन पूर्व एक व्यक्ति पर उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली सहपऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया था और उसके न्यायालय में बयान कराने की तैयारी की जा रही थी। एक सपा नेता को जानकारी मिली कि उनका नाम इस मुकदमे में घसीटा जा रहा है।
सपा नेता का आरोप है कि लड़की पर न्यायालय में उनका नाम लेने के लिए पुलिस दवाब बना रही है। उन्होंने विधायक से इसकी शिकायत की तो विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। ब्लॉक प्रमुख विनीत गुप्ता एवं सैकड़ों सपाई भी कोतवाली पहुंच गए। भाजपा के कोतवाली घेराव कार्यक्रम के कारण उस समय कोतवाली प्रभारी अपने साथ पुलिस बल को लेकर सादाबाद कोतवाली गए हुए थे। सूचना पर कोतवाली प्रभारी मोहम्मद असलम कोतवाली आए।
उन्होंने विधायक एवं उनके समर्थकों को काफी समझाने का प्रयास किया। दोनों में तीखी नोक-झोंक भी हुई। अंत में विधायक को एफआईआर दिखाकर यह आश्वासन दिया गया कि लड़की ने सपा नेता के विरुद्ध कोई बयान नहीं दिया है। उनके समर्थकों के साथ अन्याय करने वालों के विरुद्ध भी उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही विधायक वहां से हटे।