आईपीएल सट्टेबाजी का खुलासा करते पुलिस अधिकारी और पीछे खड़े पकड़े गए आरोपी।
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आईपीएल सटोरियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिकंदराराऊ पुलिस ने छापेमारी कर आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी का खुलासा किया है। पुलिस ने चार युवकों को सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 हजार की नकदी, पांच मोबाइल फोन, रजिस्टर, पैन और एक एलईडी भी बरामद की गई है। छापेमारी के दौरान मकान स्वामी और आईपीएल सट्टेबाजी का मास्टरमाइंड पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस इसे बड़ी उपलब्धि मान रही है। एसपी ने भी इस उपलब्धि पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में बुधवार को सीओ सिकंदराराऊ राकेश वशिष्ठ ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली डेयर डेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच चल रहे आईपीएल क्रिकेट मैच में सट्टे की खाईबाड़ी का कारोबार चल रहा है। सिकंदराराऊ थाना प्रभारी जगदीशचंद्र ने पुलिस अधीक्षक से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद गौरीशंकर पुत्र नेत्रपाल निवासी खासपुर कोतवाली सिकंदराराऊ के घर पर छापा मारा। छापे में एसओजी प्रभारी महेशचंद्र भी अपनी टीम के साथ शामिल हुए। पुलिस टीम ने खासपुर पहुंचकर गौरीशंकर के मकान की दूसरी मंजिल पर दबिश दी। पुलिस ने यहां से कुछ लोगों को आईपीएल मैच में सट्टा लगाने वालों का लेखा-जोखा रखते हुए पकड़ा। यह लोग मकान को सामान्य जुआ घर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने मौके से राजू पुत्र हबीब निवासी मोहल्ला सराय, दीपक गुप्ता पुत्र शिवनारायण निवासी मोहल्ला बारहसैनी, चेतन वार्ष्णेय पुत्र हरीशंकर मोहल्ला मटकोटा, मुवीन पुत्र यूसुफ निवासी भूतेश्वर कॉलोनी निवासी सिकंदराराऊ को मौके से पकड़ लिया। पुलिस को इनके पास से तलाशी में राजू के पास दो मोबाइल और तीन हजार नकद, एक रजिस्टर, दो पैन व एक एलईडी टीवी, दीपक के पास एक मोबाइल और दो हजार रुपये, चेतन के पास एक मोबाइल और तीन हजार रुपये नकद, मुवीन के पास एक मोबाइल फोन और दो हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस ने पांचों के खिलाफ धारा 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अभियुक्तों ने बताया कि हम लोग सिकंदराराऊ से अपनी स्विफ्ट डिजायर गाड़ी संख्या डीएल 1सीएल 7890 से ग्राम खासपुर गौरीशंकर के मकान में आईपीएल सट्टे की टीवी स्क्रीन पर चलते मैच की स्थिति के आधार पर मोबाइल द्वारा हार-जीत की बाजी के आधार पर सट्टे की खाईबाड़ी कर रहे थे।