फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करबन नदी में गिरी कार, साधु समेत दो की मौत

Mon, 08 Jan 2018 11:44 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला,हाथरस। 
विज्ञापन
करबन नदी से कार ‌निकलती ‌क्रेन। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
फर्रुखाबाद से वृंदावन जा रही एक कार सोमवार को तड़के मुरसान के पास रेलिंग तोड़ते हुए करबन नदी में जा गिरी। कार में सवार चार लोगों में से दो की मौत मौके पर हो हो गई जबकि अन्य दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस को कार चालक साधु के शव को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर संबंधित लोगों को सौंप दिया। 

विज्ञापन

मुरसान के पास करबन नदी पर बने पुल पर रास्ता काफी संकरा है। इससे अक्सर यहां हादसे होते हैं। पुलिस के मुताबिक वृंदावन के सर्वेश्वर गीता मंदिर आश्रम में रहने वाले साधु रामदास (36) उर्फ रामकुमार पुत्र राममुरारी मूल निवासी प्रधानपुर, अलीगंज, एटा शनिवार को फर्रुखाबाद में आयोजित भंडारे में शामिल होने गए थे। सोमवार को वह वृंदावन लौट रहे थे। उनके साथ वृंदावन के एक गुरुकुल के छात्र जयराम पांडे (19) पुत्र माधव पांडे निवासी थाना छत्ती, छतरपुर, मध्य प्रदेश, उनके बहनोई संजीव चतुर्वेदी पुत्र प्रवेश निवासी अलावलपुर, फर्रुखाबाद और अन्य साधु लक्ष्मीनारायण निवासी सर्वेश्वर गीता मंदिर आश्रम, वृंदावन थे। भंडारे का आयोजन संजीव चतुर्वेदी के गांव में हुआ था।

 

सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे इनकी क्वालिस कार मुरसान के करीब करबन नदी के पुल पर पहुंची।। कार साधु रामदास चला रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि रामदास को नींद या अंधेरे के कारण पुल का संकरा रास्ता नहीं दिखाई दिया। इससे तेज रफ्तार कार लोहे की रेलिंग तोड़कर पलटी खाते हुए सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। कुछ लोग नीचे नदी की तलहटी में पहुंचे। कार के अंदर दो लोगों की सांसें चल रही थीं। वहां से गुजर रहे एक कार चालक ने पुलिस को सूचना दी।

 

मौके पर पहुुंचे कोतवाल डीके सिसौदिया ने घायलों को कार से निकालकर हाथरस के बागला जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां जयराम पांडे को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं काफी देर तक रामदास के शव को कार से नहीं निकाला जा सका। वह अंदर बुरी तरह दब गए थे। क्रेन की मदद से कार को नदी की तलहटी से ऊपर सड़क पर लाया गया। इसके बाद गैस कटर से काटकर रामदास के शव को बाहर निकाला गया। कोतवाल डीके सिसौदिया ने बताया कि रामदास और जयराम पांडे के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद वृंदावन के आश्रम से आए लोगों को सौंप दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें