न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। मीडियाकर्मी विनोद के गोली लगने की गफलत अलीगढ़ पहुंचने तक रही। अलीगढ़ में उपचार के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उसके गोली नहीं लगी थी, बल्कि गर्दन में रायफल का एक पार्ट घुसा है, जिसे चिकित्सक आपरेशन के बाद निकाल लिया।
आरएसएस के कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग के दौरान जब विनोद व विधायक के बेटे दिनेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया तो चिकित्सक ने दोनों को फायर आर्म इंजरी बताया और इसी में मेडिकल रजिस्ट्रर में इंदाज भी किया। बाद में विनोद के गले का जब एक्स-रे हुआ तो उसके गले में कोई चीज फंसी थी। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक नवनीत अरोरा ने यही बताया कि विनोद के गले में गोली फंसी हुई है और उसे गन शॉट इंजरी है। इससे वहां लोग और परेशान हो गए।
बाद में उसे अलीगढ़ में वरुण ट्रामा सेंटर में ले जाया गया। वहां जब उसका आपरेशन किया गया तो उसके गोली नहीं निकली बल्कि रायफल का पार्ट निकला। हिस्सा निकला। हुआ यूं था कि फायर करते समय रायफल की मैग्जीन का कवर और रायफल का उसका ऊपर का हिस्सा उड़ गया था और वहीं विनोद की गर्दन में घुसा था। तब यह स्पष्ट हुआ कि उसके गोली नहीं लगी थी। आपरेशन सफल होने की सूचना मिलने पर यहां लोगों ने राहत की सांस ली।