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निषेधाज्ञा के दौरान सताधारियों ने उड़ाया नियम कानूनों का मखौल

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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। हर्ष फायरिंग यहां कई जानें ले चुकी है। प्रशासन इसे लेकर सख्ती बरतने की बात कहता है लेकिन जब सत्ताधारी ही किसी सार्वजनिक स्थल पर सरेआम हवा में गोलियां चलाने लगें तो प्रशासन भी असहाय ही दिखाई देता है। शुक्रवार को भी यही हुआ। जिले में रामनवमी व दशहरा के चलते धारा 144 लगी हुई थी।

इसके बाद भी आरएसएस के कार्यक्रम में पहले तो शस्त्र पूजन के साथ-साथ शस्त्रों का प्रदर्शन हुआ और फिर फिर जमकर हवाई फायरिंग हुई। कई जनप्रतिनिधियों ने इस दौरान अपने पद की गरिमा का भी ख्याल नहीं किया और उन्होंने यह भी नहीं देखा कि वह खुलेआम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। यह भी डंके की चोट पर।
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अक्सर शादी समारोह व खुशी के मौके पर लोग हर्ष फायरिंग करते हैं। इसकी वजह से कई बार जानें जा चुक हैं। यहां भी अक्सर ऐसा ही हुआ है हर्ष फाय रिंग ने रंग में भंग डाल दिया है। शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ। यहां यह काम विजयादशमी पर आरएएसएस के पर्व पर हुआ। आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ-साथ काफी सत्ताधारी नेता इस कार्यक्रम में जुटे। कोई पिस्टल लेकर आया, कोई रायफल लेकर आया तो कोई बंदूक लेकर। आरएसएस के इस कार्यक्रम में शस्त्र पूजन तो हर साल की तरह हुआ लेकिन इस बार सरकार का असर नेताओं पर ज्यादा दिखाई दिया।

कार्यक्रम में सत्ताधारी नेताओं ने शस्त्रपूजा के बाद शस्त्रों ने फायरिंग शुरू कर दी। यह फायरिंग भी आपसी होड़ में हुई। एक-एक नेता ने कई-कई फायर किए बागला इंटर कॉलेज का कैंपस फायरिंग की आवाज से गूंजता रहा। शहर के बीचोबीच इस कार्यक्रम पर न पुलिस की नजर गई और न प्रशासन की। एलआईयू भी फेल साबित हुई। उसके बाद जब विधायक हरिशंकर माहौर की रायफल की मैगजीन का कवर व उसका ऊपर का हिस्सा उड़ गया तो इससे वहां एक मीडियाकर्मी व खुद विधायक पुत्र घायल हो गया।
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आखिर सवाल यह है कि सत्ताधारियों को हवाई फायरिंग की इजाजज किसने की। जब यह सवाल अधिकारियों से पूछा गया तो अधिकारी स्पष्ट बोले कि उनकी ओर से कार्यक्रम की परमीशन नहीं ली गई थी। हर्ष फायरिंग पर तो पहले से ही प्रतिबंध लगा है। बहरहाल सत्ताधारियों ने अपनी सत्ता के मद में चूर होकर जमकर नियमों कानूनों को तोड़ा और घंटों अधिकारी भी खामोश बने रहे। एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि किसी ने उनसे कार्यक्रम की परमीशन नहीं ली, जबकि परमीशन जरूरी है। उनका यह भी कहना है कि हर्ष फायरिंग पर तो पूरी तरह से रोक है।
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