तहसीलदार को आवारा पशुओं की समस्या बताते किसान।
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सादाबाद। फसलों को तबाह कर रहे आवारा पशुओं के खिलाफ किसानों की जंग जारी है। गांव एदलपुर के बाद अब गांव कजरौठी में भी किसानों ने लगभग 200 की संख्या में आवारा पशुओं को प्राइमरी और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया। गुस्साए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया। किसानों के गुस्से को देखकर गांव कजरौठी में मौके पर तहसीलदार टीपी सिंह पहुंच गए। वहां स्कूल में बंद किए गए पशुओं को वाहनों के जरिए टुकसान स्थित गोशाला भेजा गया।
गौरतलब हो कि आए दिन आवारा पशु सांड़, गाय और सुअर आदि किसानों की दिन-रात मेहनत से की गई फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। यह आवारा पशु खेतों में घुस जाते हैं, फिर पूरी तरह से फसल को बर्बाद कर देते हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान सहना पड़ रहा है। किसान बेहद परेशान हैं। प्रशासनिक अनदेखी के कारण अब किसानों ने आवारा पशुओं को एकत्रित कर गांव के सरकारी स्कूलों में बांधना शुरू कर दिया है। पशु बांधने का यह सिलसिला एक के बाद एक गांव में शुरू हो चुका है। मंगलवार को सादाबाद क्षेत्र के गांव कजरौठी में किसानों ने करीब 300 पशुओं को एकत्रित कर स्कूल में बंद कर दिया।
गांव निवासी महाराज सिंह ने बताया कि इन पशुओं ने गांव के किसानों की आलू और गेहूं की फसलों को रौंदकर काफी नुकसान कर दिया है, जिससे किसानों में काफी आक्रोश है। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने हंगामा कर रहे किसानों को समझाया और फोन कर पशुओं को स्कूलों में बंद करने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी, जिसके बाद मौके पर तहसीलदार टीपी सिंह पहुंच गए। तहसीलदार ने पशुओं को वाहनों के जरिए टुकसान स्थित गोशाला में भिजवा दिया। इससे किसानों को आवारा पशुओं से राहत मिल गई। मौके पर आरआई डीसी पौरुष, राजेंद्र सिंह डीलर, नारायण सिंह प्रबंधक, प्रेमपाल सिंह, राजन सिंह, गुड्डन, जयपाल सिंह, हरिओम, दिगंबर सिंह सहित गांव के कई किसान मौजूद थे।