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पति घर में, बेटे लापता, पड़ोसियों ने कराया नूरजहां का पोस्टमार्टम

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इस्लामनगर (बदायूं)। नूरजहां की हत्या के आरोप में पुलिस ने आरोपी बेटे इकबाल के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। मगर घरवाले मामले को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं हैं, जिससे कोई जुबान खोलने को तैयार नहीं है। घटना के बाद से हत्यारोपी इकबाल समेत चारों बेटे लापता हैं। नूरजहां के पति हकीम भी पोस्टमार्टम हाउस नहीं गए। रिश्तेदार और पड़ोसी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मंगलवार को दिनभर घर में सन्नाटा रहा। शाम को नूरजहां का शव घर पहुंचने के बाद दरवाजा बंद कर लिया गया।
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इस्लामनगर कस्बे के नई बस्ती मोहल्ला निवासी नूरजहां (55) पत्नी हकीम अली की सोमवार शाम उनके ही बड़े बेटे इकबाल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नूरजहां का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपनी मर्जी से निकाह करने वाली बेटी का पक्ष ले रही थीं। इसको लेकर घर में विवाद हुआ तो बेटे ने तमंचे से मां को गोली मार दी। घटना के बाद इकबाल घर से फरार है। इकबाल के तीन अन्य भाई ताहिर, सोहिल और आसिव भी चुपचाप घर से खिसक गए। इधर, सूचना मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम के दौरान परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। पुलिस के सुपुर्द करने के बाद रिश्तेदार और पड़ोसी शव को घर ले गए।

गोली देखने को कराना पड़ा एक्सरे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली नूरजहां के गाल में लगी थी, जो गले को चीरते हुए कान के पीछे सिर में जाकर फंस गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के दौरान पहले डॉक्टर को गोली नजर नहीं आई। उन्होंने काफी प्रयास किया। इसके बावजूद गोली नहीं मिली। बाद में डॉक्टर ने शव जिला अस्पताल भेज कर एक्स-रे कराया, जिससे पता चला कि गोली कान के पीछे फंसी है। तब जाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई।
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हकीम बोले, मेरी दुनिया ही उजड़ गई
एक तरफ बेटा मुल्जिम बन गया। दूसरी ओर पत्नी साथ छोड़ गई। ऐसे हालात में हकीम अली बेहद दुखी हैं। हकीम अली बोले- मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। क्या हुआ, कैसे हुआ, वह कुछ सोचने समझने की स्थिति में नहीं है। कोई उन्हें पास बुलाता है तो चले जाते हैं परंतु घटना के संबंध में कुछ कह नहीं पाते। फिर दूसरी ओर चले जाते हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें या नहीं करें।

अंतिम दीदार को पहुंची बेटियां नूरजहां की हत्या के बाद पूरा परिवार टूट गया है। मां की मौत की खबर सुनकर विवाहिता बेटियां शमीम और सलमा भी आ गईं हैं। अपनी मर्जी से निकाह करने वाली सोनम भी आ गई है, लेकिन उसकी ससुराल से कोई नहीं पहुंचा।

अभी नामजद इकबाल को तलाश कर रहे हैं। कई जगह दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला है। बाकी तीनों भी घर से लापता हैं। बाकी मामले की जांच चल रही है। - धीरज कुमार सोलंकी, इंस्पेक्टर इस्लामनगर

घर में मातम, गली में सन्नाटा
परिजनों को नूरजहां के गम से ज्यादा हत्यारोपी बेटे के जेल जाने की चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
इस्लामनगर। नूरजहां की हत्या से पूरा परिवार संकट में फंसा है। परिवार के लोगों को नूरजहां के गम से ज्यादा हत्यारोपी बने बेटे इकबाल के जेल जाने की चिंता है। मंगलवार को हकीम के घर में मातम और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। बेटियां मां को याद करके रह-रहकर विलाप कर रहीं थीं, लेकिन परिवार के बाकी लोग बिल्कुल शांत थे। कोई घटना के बारे में पूछता तो साफ बताने के बजाय टाल जाते थे।
सोमवार शाम नूरजहां की लाश उठने के बाद रात भर हकीम के घर में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। हत्यारोपी इकबाल समेत चारों बेटे लापता हैं। घर के बाकी लोगों को गम के साथ इकबाल की चिंता है। सबसे ज्यादा संकट में नूरजहां के पति हकीम अली हैं। एक तो उनकी पत्नी हमेशा के लिए साथ छोड़ गई, दूसरे जवान बेटा जेल जाएगा। घटना की सूचना मिलने पर विवाहित बेटियां पहुंची तो हकीम के घर में कोहराम मचा। मंगलवार को दिन भर घर में मातमी सन्नाटा रहा। रिश्तेदार इकट्ठे होते रहे। पोस्टमार्टम के बाद शाम को नूरजहां का शव घर ले जाया गया। मां की लाश देख बेटियों ने विलाप किया तो घर का दरवाजा बंद कर लिया गया। रिश्तेदार घर के बाहर चबूतरे पर इधर-उधर बैठे रहे। रात करीब साढ़े सात बजे बिसौली रोड स्थित कब्रिस्तान ले जाकर नूरजहां के शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
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