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दहेज हत्या के आरोपी पति को आठ साल की कैद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में मृत महिला के पति को आठ साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। इगलास थाना क्षेत्र के गांव जैथौली निवासी हरी बाबू पुत्र रामेश्वर सिंह ने तीस जून 2013 को थाना सादाबाद में यह तहरीर दी कि उसकी भतीजी प्र्रेमलता की शादी दो साल पहले पुष्पेंद्र पुत्र करतार सिंह निवासी धोकला थाना सादाबाद के हुई थी। शादी के बाद ही अतिरिक्त दहेज की मंाग को लेकर ससुराली जनों ने प्रेमलता को उत्पीड़न करना शुरू कर दिया।

तहरीर के मुताबिक 29 जून 2013 को दोपहर 12 बजे हरी बाबू की भतीजी रीना ने उसे फोन पर सूचना दी की प्रेमलता व उसकी बच्ची आकांक्षा को ससुराली जनों ने मिट्टी का तेल डालकर दहेज की खातिर हत्या कर दी है। इस पर हरी बाबू व कुछ अन्य लोग जब पहुंचे तो पता चला कि प्रेमलता व उसकी बेटी को मिट्टी का तेल व अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर मार दिया है। बच्ची आकांक्षा महज आठ माह की थी। पुलिस ने दोनों के शव को मथुरा पोस्टमार्टम हाउस पहुचाया। इस मामले में मृतका प्रेमलता के पति पुष्पेंद्र, ससुर करतार सिंह, सास अंगूरी देवी के अलावा देवर, ननद, चचिया ससुर, चचिया सास को भी आरोपित किया गया।
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पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामले में विवेचना अधिकारी ने विवेचना की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि विवेचना अधिकारी ने मृतका के पति पुष्पेंद्र के अलावा उसकी सास व ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मामले की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो योगेंद्रराम गुप्ता के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने इस मामले में पुष्पेंद्र को धारा 304 बी, 398 ए, धारा तीन दहेज प्रतिषेध अधिनियम, धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोषी पाया। एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि न्यायालय ने पुष्पेंद्र को आठ वर्ष की कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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