बारिश के मौसम में जिले की कई गोशालाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण गोशालाएं दलदल में तब्दील हो गईं हैं और गोवंश कीचड़ में रहने पर मजबूर हैं। मुरसान क्षेत्र के गांव खुटीपुरी, सहपऊ के उघैना, हाथरस-जलेसर रोड और नगला गोजिया स्थित गोशालाओं की स्थिति सबसे अधिक खराब है।
इन गोशालाओं में बारिश का पानी भर जाने से चारों ओर कीचड़ है, जिससे गोवंश को चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर गोवंश फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे उनके चोटिल होने की आशंका बनी हुई है। कीचड़ और गंदगी के कारण पशुओं के खुरों में संक्रमण, त्वचा रोग और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ठंड के साथ नमी बढ़ने से गोवंश की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ गोशालाओं में गोवंश कमजोर और बीमार नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते इनके समुचित उपचार और देखभाल की व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी हालत और भी नाजुक हो सकती है।
गोशालाओं में साफ-सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ.विजय सिंह यादव ने बताया कि प्रत्येक गोशाला में प्रधान व सेक्रेटरी की जिम्मेदारी है कि वे ट्रैक्टर से सफाई कराएं। हो सकता है कि किसी कारणवश सफाई नहीं हो पाई हो, लेकिन सफाई का ध्यान रखा जा रहा है।