फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हालात के साथ जीना सिखा रहा कोरोना काल

विज्ञापन
मुशीर अहमद। - फोटो : SIKANDHRA RAHU
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण काल ने आम लोगों की जीवन शैली में व्यापक बदलाव किया है। संक्रमणकाल में उत्साह, उमंग के साथ त्योहारों का कैसे मना सकते हैं, इसकी भी सीख लोगों को मिल गई है। ईद, रक्षाबंधन और 15 अगस्त जैसे पर्व इतनी सादगी के साथ अलग-थलग रहकर मनाने पड़ेंगे, किसी ने सोचा तक नहीं था। लोगों को भविष्य में भी इस तरह की आपदा से बचने की सीख इस संक्रमण काल ने दी है।
कोरोना ने शिक्षा का कार्य पूरी तरह चौपट करके रख दिया। आमदनी न के बराबर रह गई है। इस काल में त्योहारों को उत्साह और उमंग से मनाने का मन करता है, लेकिन पाबंदियां और अपनी व अपनों की हिफाजत की चिंता हमें ऐसा करने से रोकती हैं। कोरोना ने सिखाया है कि त्योहारों को अब अपने परिवार के साथ अकेले मनाना होगा।
विज्ञापन

-चंचल गुप्ता, कॉपी-किताब व्यापारी
हमारी संस्कृति विभिन्न त्योहारों के साथ जुड़ी हुई है। अब तक हम इन्हें हमेशा की तरह मनाते आ रहे थे, लेकिन कोरोना काल में जिस तरह हालात बदले हैं, अब हमें पाबंदियों के बीच इन त्योहारों को मनाना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति में अपनी और अपनों की हिफाजत के लिए यह जरूरी भी है।
- नरेंद्र सिंह चौहान, भट्ठा व्यवसायी
कारोना से हुई मौतें हमारे सामने हैं। इसके अतिरिक्त अब भी लाखों लोग संक्रमण से पीड़ित हैं। ये वो हालात हैं, जिनकी किसी ने कलपना तक नहीं की थी। इन हालात में इतने कम खर्च में त्योहार मनाने का नया रिवाज शुरू हो गया है। त्योहारी खर्च की बचत से हम गरीबों के साथ खुशियां बांट सकते हैं।
-कर्दम सिंह, अध्यापक
ईद पर कभी नहीं सोचा था कि सामूहिक नमाज नहीं पढ़ पाएंगे। मक्का, मदीना और हज यात्रा पर नहीं जा पाएंगे। गले मिलकर ईद की मुबारकबाद नहीं दे पाएंगे, लेकिन इस काल में भी ईद का पर्व मनाकर गरीबों को जकात दी गई। यह नया अनुभव है। उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ सामान्य होगा।
विज्ञापन

- मुशीर अहमद, मूंगा मोती व्यवसायी

कर्दम सिंह।- फोटो : SIKANDHRA RAHU

नरेन्द्र सिंह चौहान।- फोटो : SIKANDHRA RAHU

चंचल गुप्ता।- फोटो : SIKANDHRA RAHU

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें