संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर द्वारा लिखवाए गए मुकदमे को लेकर अब दूसरा पक्ष अपर पुलिस अधीक्षक से मिला और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोपी अब्दुल हमीद ने इस बात को गलत बताया कि उन्होंने देश विरोधी नारे लगाए थे और दंगा भड़काने की धमकी दी थी। अपर पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले शुक्रवार को मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी रिजवान अहमद कुरैशी जब सीएए के समर्थन में पुलिस के दिए हुए पंपलेट मस्जिद के बाहर बांट रहे थे तो मधुगढ़ी मस्जिद के बाहर उनकी नोकझोंक अब्दुल हमीद निवासी मधुगढ़ी और कुछ अन्य लोगों से हो गई थी। इसके उपरांत बुधवार की रात्रि में हाजी रिजवान अहमद की तहरीर पर अब्दुल हमीद और अन्य दो लोगोें के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा कायम किया था। इसमें नामजदों पर देश विरोधी नारे लगाने, दंगा भड़काने की धमकी देने जैसे आरोप थे। इसमें देशद्रोह का आरोप लगाया गया था। शनिवार को जैसे ही इसकी जानकारी दूसरे पक्ष को हुई तो आरोपी अब्दुल हमीद के साथ सपा नेता फजर्लुरहमान, हबीब, मोहम्मद आरिफ, रिजवान, नासिर, बजरुद्दीन, अज्जू नेताजी, अरमान, इमरान, सोेनू, पप्पू, कासिम आदि लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वहां अब्दुल हमीद ने एएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि रिजवान अहमद से उसकी पुरानी रंजिश है। वह मधुगढ़ी स्थित मक्का मस्जिद का मुतवल्ली है। जुमे के दिन उन्होंने रिजवान से सीएए के पर्चे बांटने के लिए मांगे थे और यह कहा था कि वह दूसरी मस्जिद पर जाकर पर्चे बांटे। इससे अलावा उसकी रिजवान से कोई बात नहीं हुई है। उसने यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है, इसलिए इस मुकदमे को निरस्त कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।