जिले में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी काले बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली, जिससे गलन का असर बना रहा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंच सका, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर करीब नौ डिग्री सेल्सियस रहा।
ठंडी हवाओं और नमी के कारण ठिठुरन और गलन में इजाफा हुआ, जिससे लोगों को दिनभर ठंड का एहसास होता रहा। धूप न निकलने के कारण बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही कम नजर आई। सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक रहा, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ी।
लोगों ने अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लिया और गर्म पेय पदार्थों की भी मांग बढ़ गई। मौसम में नमी बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण की संभावना अधिक रहती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को मौसम कुछ हद तक साफ रहने की उम्मीद है और बादलों की आवाजाही कम हो सकती है। यदि धूप निकलती है, तो लोगों को ठंड और गलन से कुछ राहत मिलने की संभावना है।