हाथरस में 27 जून को बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक पर हुई विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अमर उजाला ने साफ तौर पर बताया था कि कई विभागों के लिपिक जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। यह बात शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की महिला लिपिक के 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने से और पुख्ता हो गई है।
बीते छह महीने में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा अलग-अलग विभागों में तैनात चार कर्मचारियों को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है। मात्र 15 दिन बाद फिर एक बार विजिलेंस ने जिले में आकर कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि यह सिलसिला अभी थमेगा नहीं। जांच एजेंसियों तक लगातार भ्रष्टाचार में संलिप्त लिपिकों और अधिकारियों की शिकायतें पहुंच रही हैं। सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा की टीम के रडार पर अभी कई और लिपिक और कर्मचारी हैं। सुविधा शुल्क के संबंध में परेशान लोग जांच एजेंसियों तक अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।