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Hathras: सुविधा शुल्क की हो रहीं शिकायतें, जांच एजेंसियों के रडार पर हैं कई विभागों के लिपिक

Sat, 13 Jul 2024 04:36 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

भ्रष्टाचार निवारण संगठन अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा की टीम के रडार पर अभी कई और लिपिक और कर्मचारी हैं। सुविधा शुल्क के संबंध में परेशान लोग जांच एजेंसियों तक अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
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रिश्वत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाथरस में 27 जून को बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक पर हुई विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अमर उजाला ने साफ तौर पर बताया था कि कई विभागों के लिपिक जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। यह बात शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की महिला लिपिक के 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने से और पुख्ता हो गई है।

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बीते छह महीने में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा अलग-अलग विभागों में तैनात चार कर्मचारियों को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है। मात्र 15 दिन बाद फिर एक बार विजिलेंस ने जिले में आकर कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि यह सिलसिला अभी थमेगा नहीं। जांच एजेंसियों तक लगातार भ्रष्टाचार में संलिप्त लिपिकों और अधिकारियों की शिकायतें पहुंच रही हैं। सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा की टीम के रडार पर अभी कई और लिपिक और कर्मचारी हैं। सुविधा शुल्क के संबंध में परेशान लोग जांच एजेंसियों तक अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

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केस-1
15 दिन पहले 30 हजार की रिश्वत लेता पकड़ा था बाबू

बेसिक शिक्षा कार्यालय हाथरस में तैनात बाबू देवेंद्र सिंह को 27 जून 2024 को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा था। वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर मुरसान थाना क्षेत्र के गांव नगला बाबू निवासी शिक्षक सिद्धार्थ से रिश्वत ली गई थी। बीएसए कार्यालय से कुछ दूरी पर ही विजिलेंस ने बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। मात्र 15 दिन बाद ही फिर विजिलेंस ने हाथरस मेंं आकर अब स्वास्थ्य विभाग के बाबू पर कार्रवाई की है।

केस-2
छह हजार की रिश्वत लेते जिलेदार हुआ था गिरफ्तार

14 मार्च 2024 को शहर के अलीगढ़ रोड स्थित अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड कार्यालय पर सिंचाई खंड फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी आशुतोष वार्ष्णेय वादों की सुनवाई कर रहे थे। उनके अधीन सींच पर्यवेक्षक सिकंदराराऊ व कार्यवाहक जिलेदार दिनेश कुमार सिंह को भी एंटी करप्शन ब्यूरो अलीगढ़ की टीम ने छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

केस-3
राजस्व निरीक्षक को भी पकड़ा था रंगे हाथ

20 मार्च 2024 को भूमि की मेड़बंदी के लिए तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक योगेश गौतम द्वारा किसान से रिश्वत की मांग की जा रही थी। कानूनगो योगेंद्र गौतम ने किसान से रिश्वत में 15000 रुपये मांगे थे। किसान ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा से की। राजस्व निरीक्षक ने पैसे लेने के लिए किसान को तहसील सदर स्थित अपने कार्यालय में बुलाया था। तभी विजिलेंस की टीम वहां पहुंच गई और राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गौतम को किसान से 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

केस-4
बिजली विभाग का लिपिक भी हो चुका है गिरफ्तार

सादाबाद क्षेत्र के गांव मड़नई निवासी विद्युत विभाग के ठेकेदार ने एक कॉलोनी का विद्युतीकरण कराए जाने के लिए विभाग से 40 किलोवाट के कनेक्शन की मांग की थी। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में तैनात लिपिक नीरज कुमार ने इसके लिए ठेकेदार से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। न देने पर ठेकेदार को कनेक्शन नहीं दिया गया और वह चक्कर लगाते रहे। ठेकेदार ने एंटी करप्शन कार्यालय अलीगढ़ में शिकायत की। एक फरवरी को लिपिक को एक ढाबे के निकट रिश्वत के रुपये देने के लिए बुलाया गया। तभी वहां पहुंची भ्रष्टाचार निवारण संगठन अलीगढ़ की टीम ने नीरज कुमार व साथ आए एक संविदा कर्मी को रुपयों के साथ दबोच लिया।
 
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