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भीषण गर्मी में बच्चे हो रहे बीमार

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डॉ.बिजेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी। - फोटो : HATHRAS
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मई की शुरुआत होते ही सूरज ने आग उगलनी शुरू कर दी है। इस समय भीषण गर्मी का लोग सामना कर रहे हैं। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुंच गया है। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे तापमान से सबसे ज्यादा परेशानी मासूम बच्चों को उठानी पड़ रही है। भीषण गर्मी में बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी छोटे बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं।
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भीषण गर्मी में उल्टी, दस्त सहित मलेरिया व हैजा के केस सामने आ रहे हैं। जिलेभर में बुखार का प्रकोप भी चल रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बुखार के मरीजों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं छोटे बच्चे गर्मी से पीड़ित होने के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे हैं। ज्यादा बच्चों में उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत है।
चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों के इलाज में अभिभावक लापरवाही न बरतें, हल्का सा बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर इलाज करवाएं।
इन बातों का रखें ध्याल
-- छोटे बच्चों को धूप में बाहर न निकलने दें।
-- घर से बाहर जाने पर बच्चों के सिर पर कपड़ा ढककर रखें।
-- बच्चों को बाहर से आते समय बर्फ का पानी न पिलाएं।
-- कटे हुए फलों के सेवन से बचें।
-- बासी भोजन का इस्तेमाल खाने में न करें।
-- उल्टी, दस्त व बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
गर्मी के कारण छोटे बीमार हो रहे हैं। उल्टी-दस्त की शिकायत सबसे ज्यादा बच्चों में हो रही है। इसलिए बच्चों का गर्मी में विशेष ध्यान रखें। गर्मी में बच्चों को बाहर ले जानें से बचें, बुखार, उल्टी या दस्त होने पर किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं या फिर निजी डॉक्टर को दिखाकर बच्चे का उपचार कराएं।
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डॉ विजेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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