अधीक्षण अभियंता विद्युत के खिलाफ मुकदमा दर्ज
विद्युत विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विजिलेंस ने कराई रिपोर्ट, विभाग में खलबली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। डार्क जोन में निजी नलकूपों के नियमितीकरण में हुए भ्रष्टाचार में अब अधिकारियों की गर्दन फंसती जा रही है। जिले में तैनात रहे विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विजिलेंस ने हाथरस गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उन पर निजी नलकूपों को नियमितीकरण करने के नाम पर धन लेने का संगीन आरोप लगा है। विभिन्न धाराओं के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद विद्युत महकमे में खलबली मच गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से जिले डार्क जोन क्षेत्र में निजी नलकूपों को नियमितिकरण करने का मामला सामने आया है। इसे लेकर कुछ ग्रामीणो ने यह आरोप लगाए थे कि उनसे मोटी धनराशि ली गई है और तब यह निजी नलकूप नियमित किए गए हैं। ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा के समक्ष भी यह मसला उठा था। इस मामले में कई स्तरों से जांच हो रही है। विजिलेंस ने भी इस मामले में जांच की।
अब इस मामले में पुलिस अधीक्षक (सर्तकता) विजिलेंस के निर्देश पर निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने तत्कालीन अधीक्षण अभियंता प्रदीप अग्रवाल विद्युत वितरण खंड हाथरस के खिलाफ थाना हाथरस गेट में मुकदमा कायम कराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधीक्षण अभियंता ने हाथरस डार्क जोने के बावजूद निजी नलकूपों को नियमितीकरण के लिए उपभोक्ताओं से धन लिया। रिपोर्ट विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर सीओ सदर मामले की विवेचना करेंगे।
अधीक्षण अभियंता ने लगाया ठेकेदार धोखा देने का आरोप
वहीं तत्कालीन अधीक्षण अभियंता प्रदीप अग्रवाल द्वारा कोर्ट के आदेश पर एक ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें उन्होंने विद्युत ठेकेदार चंद्रप्रकाश सेंगर उर्फ कालू निवासी टिकारी पर कूटरचित शपथ पत्र तैयार करने और किसानों से अवैध धन लेकर डार्क जोन में निजी नलकूप के लिए कूटरचित प्रपत्र तैयार कर संयोजित कराने का आरोप लगाया है।