सासनी क्षेत्र गांव गदाखेड़ा में 8 मई को सुबह करीब साढ़े 11 बजे अवैध तरीके से घरेलू गैस सिलिंडरों से ईको कार और ऑटो में गैस भरते समय आग लग गई, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। तब तक कार, ऑटो और अन्य सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड को मौके पर भारत गैस के घरेलू सिलिंडर भी मिले हैं, लेकिन मालिक अपने घर का ताला बंद कर फरार हो गया। अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।
दरअसल सोनू नाम का युवक गांव गदाखेड़ा में अपनी रिश्तेदारी में रहकर गाड़ियों में गैस भरने का काम करता है। ग्रामीणों ने बताया कि पिता की मौत होने के कारण वह 8 मई को अपने गांव बुलंदशहर गया था, जबकि उसके रिफिलिंग केंद्र पर गाड़ियों में गैस भरने का कार्य किया जा रहा था। गैस भरते समय अचानक ईको कार और ऑटो में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी अपनी मच गई। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन रिफिलिंग कर रहे लोग मकान का ताला बंद कर मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि कार में लगा गैस सिलिंडर नहीं फटा। अगर सिलिंडर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गैस भरवाने आए ऑटो चालक भी आग लगने के बाद अपने ऑटो छोड़कर मौके से फरार हो गए। समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
फायर ब्रिगेड के इंचार्ज पीके अल्वी का कहना है कि मौके से पांच घरेलू सिलिंडरों को जब्त कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। डीएसओ ने भी आठ भरे रसोई गैस सिलेंडर मौके पर पहुंचकर बरामद किए हैं और बड़ी संख्या में सिलिंडरों के ढक्कन भी मिले हैं। डीएसओ ध्रुवराज यादव ने अवैध तरीके से गैस रिफिलिंग करने के आरोप में सोनू सहित कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।