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बजट में जिले को नहीं मिली कोई सौगात

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निर्मला के बजट में हाथरस फिर खाली हाथ, नहीं मिली सौगात
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मध्यम वर्ग के लोग बोले कि अंतरिम बजट जैसा ही है यह बजट तो उद्यमी बोले कि यहां के लिए कुछ नहीं है बजट में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट से यहां जिले को कोई खास सौगात नहीं मिली है। स्टार्ट अप योजना के तहत उद्यमियों को नए कारोबार शुरू करने को लेकर आस बनी है। वहीं मध्यम वर्ग के साथ साथ किसानों को राहत पहुंचाने का बजट के माध्यम से कोशिश की गई है। हाथरस के उद्योग को बजट में किसी भी प्रकार की कोई पैकेज का प्रावधान नहीं किया गया है।
उद्यमियों को तो विशेष कोई राहत नहीं मिली है, हालांकि आईटीआर दाखिल करन के लिए पेन कार्ड या आधार कार्ड में से किसी एक से भरे जाने से आम आदमी को राहत मिलेगी। 45 लाख तक के होम लोन में ब्याज पर 3.5 लाख की छूट का प्रावधान होने पर मध्यमवर्गीय को कुछ राहत जरूर मिलेगी। इस बजट के पेश होने से पहले लोगों को टैक्स स्लैब में छूट की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। आम लोगों के अनुसार इस बजट में ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर विशेष बजट का प्राविधान किया गया है। यहां जिले के कारोबार कृषि आधारित हैं। यहां जिले में हींग, अचार-मुरब्बा, दाल के कारोबार को कोई भी पैकेज नहीं दिया गया है।
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मोदी सरकार का यह बजट लोक लुभावन है। इस बजट में अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई प्लानिंग नहीं दी गई है। यहां जिले के उद्यमी फिर से खाली हाथ हैं। रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
-प्रदीप गोयल, सचिव औद्योगिक आस्थान समिति
बजट में व्यापारियों को पेंशन व्यवस्था की बात कही गई है, इससे व्यापारी वर्ग को काफी राहत मिलेगी। छोटे व्यापारियों को एमएसएमई के तहत लेने वाले लोन में ब्याज पर छूट का प्रावधान किया गया है। इसके लिए बजट की व्यवस्था की गई है।
-कपिल अग्रवाल, शेयर ब्रोकर
टैक्स में कोई विशेष राहत नहीं दी गई है। अंतरिम बजट के आधार पर ही टैक्स स्लैब रखा गया है। अब आधार कार्ड के माध्यम से ही टैक्स भरा जा सकता है। पैन कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उच्च वर्ग के करदाता पर सरचार्ज लगाया गया है।
-विनोद अग्रवाल, कर अधिवक्ता
बजट से हाथरस के पुराने उद्योग धंधों को कोई राहत नहीं मिली है। यहां का उद्यमी इस बार फिर खाली हाथ रहा है। नए तौर पर उद्योग करने वाले उद्यमियों को कुछ राहत दी गई है।
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-विनोद मित्तल, रंग उद्यमी
ग्रामीण तबके को ध्यान में रखते हुए बजट को पेश किया गया है। बैंक से केश निकालने पर टैक्स का प्रावधान किया गया है, यह आम जन की जेब पर बोझ है।
-देवेंद्र मोहता, उद्यमी
इस साल चुनाव से पहले जो अंतरिम बजट पेश किया था, यह बजट वैसा ही है। यहां के कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास नहीं है। टैक्स स्लैब पहले जैसा ही है। बजट में कुछ खास नहीं है।
-राजेश अग्रवाल, गारमेंट्स उद्यमी
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