हाथरस। प्रदेश में प्रति वर्ष 108 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, जबकि प्रतिवर्ष 437 करोड़ अंडे उपयोग किए जाते हैं। प्रदेश को अंडा उत्पादन एवं ब्राइलर चूजा उत्पादन में आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से कॉमर्शियल लेयर पालन तथा ब्राइलर पेरेंट्स फॉर्म की स्थापना की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति-2013 जारी की गई है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया है कि योजनांतर्गत लाभार्थी को इकाई की स्थापना के लिए 30 प्रतिशत मार्जिन मनी की व्यवस्था करनी है एवं 70 प्रतिशत बैंक से कर्ज स्वीकृत कराना है। एक लाभार्थी एक से अधिक यूनिट स्थापित कर सकता है। योजना के लिए भूमि क्रय करने पर कॉमर्शियल लेयर फॉर्म के लिए अधिकतम एक एकड़ एवं ब्राइलर पेरेंट फॉर्म के लिए अधिकतम छह एकड़ पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की छूट प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही साथ कॉमर्शियल लेयर फॉर्म के लिए अधिकतम 400 रुपये एवं ब्राइलर पेरेंट फॉर्म के लिए अधिकतम 2400 रुपये प्रतिमाह विद्युत बिल की छूट भी 10 वर्ष तक प्राप्त कर सकता है। सीएसटी, वैट एवं मंडी कर में भी निमानुसार छूट मिलेगी।
लाभार्थी प्रदेश से बाहर का भी निवासी हो सकता है एवं तीन-चार व्यक्ति मिलकर भी सामूहिक रूप से योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए निकटतम पशु चिकित्सालय या विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।