एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा 22 मई की रात को हाथरस के कचौरा चौकी इंचार्ज को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद एसपी ने 23 मई को दारोगा को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू करा दी है। देर रात रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार को एंटी करप्शन टीम उन्हें अलीगढ़ ले गई, जहां कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।
मारपीट के मामले में कार्रवाई करने के नाम पर सिकंदराराऊ कोतवाली के दारोगा जंगजीत सिंह पर रीना पत्नी अनिल निवासी जुलापुर से 10 हजार रुपये मांगने का आरोप है। ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार ने शुक्रवार की शाम को जाल बिछाया। रीना के पति अनिल 10 हजार रुपये देने चौकी पर पहुंचे। नोट पकड़ते ही टीम ने उन्हें घेर लिया। टीम ने जब दारोगा के हाथ धुलवाए, तो केमिकल के कारण उनके हाथ लाल हो गए। निरीक्षक प्रमोद ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
एंटी करप्शन टीम के एसएचओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को दारोगा को जेल भेज दिया गया है। पुलिस में रिश्वतखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। 31 मई 2025 को एंटी करप्शन की टीम ने आगरा रोड चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में भी झगड़े की एक शिकायत पर कानूनी कार्रवाई करने के एवज में अहियापुर कलां निवासी साहब सिंह नाम के व्यक्ति से रिश्वत मांगी गई थी।
दो साल में 10 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार
हाथरस जिले में पिछले दो साल के भीतर नौ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। इनमें बिजली विभाग के लिपिक, सिंचाई विभाग के सींच पर्यवेक्षक, तहसील के राजस्व निरीक्षक, बीएसए व सीएमओ कार्यालय के लिपिक और नगर पालिका के कर्मचारी तक शामिल हैं।