ब्रांडेड घी के नाम पर नकली घी बेच रहे तीन नक्कालों को शक होने पर कस्बे के लोगों ने घेर लिया लिया। इनमें से दो तो भागने में सफल रहे, जबकि एक को दबोच लिया गया। इन ठगों से पूछताछ के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मौके से पकड़े गए एक ठग को पुलिस की हिरासत में दे दिया गया है।
शनिवार को कस्बे के डाकघर रोड पर एक घी विक्रेता की दुकान पर कुछ लोग माधव घी ब्रांड के भरे हुए टिन बेचने के लिए आए और बाजार रेट से करीब दो हजार रुपये कम में घी के टिन बेचने का प्रयास करने लगे।
घी के टिनों की बनावट और इन ठगों द्वारा दो हजार रुपये कम में घी दिए जाने की बात पर कुछ दुकानदार व व्यापारियों का माथा ठनक गया और उन्हें इन ठगों पर शक हो गया। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी कस्बे के ही रहने वाले माधव घी कंपनी के मालिक को दे दी। सूचना पर वहां माधव मिल्क प्रोडक्ट के कर्मचारी पहुंच गए।
यहां कस्बे के लोगों ने एक ठग को तीन घी के टिन सहित पकड़ रखा था। दो ठग भागने में सफल रहे। पकड़े गए ठग को घी के टिन सहित थाने मेें पुलिस की हिरासत में दे दिया गया। इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग के मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी को दी गई।
मौके पर पहुंचे मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह को पकड़े गए ठग ने अपना नाम हरी सिंह पुत्र पूरन सिंह निवासी लाईन पार स्वरूप नगर टूंडला फीरोजाबाद बताया। माधव घी के कर्मचारियों व अधिकारियों ने उससे पूछा कि यह घी कौन बनाता है, लेकिन वह बार-बार बात को बदलने की कोशिश करने लगा।
एफडीए अधिकारियों ने जब टिन के गत्ताें व उसके अंदर रखे टिनों की जांच की तो यह साफ तौर पर नकली प्रतीत हो रहे थे। तीन घी के टिनों से घी के नमूने संग्रहीत किए गए। पकड़े गए व्यक्ति को पुलिस की हिरासत में दे दिया गया। घटना के संबंध में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरींद्र सिंह ने थाने मे दी तहरीर में कहा है कि पकड़े गए व्यक्ति के द्वारा जो नाम पता बताया गया है उस पर उन्हें संदेह है क्योंकि उसके पास इस नाम पते का कोई पहचान पत्र भी मौजूद नहीं है।
इसलिए उपरोक्त व्यक्ति के नाम व पते की तस्दीक कराई जाए। वहीं, एसएन मिल्क प्रोडक्ट्स प्रा.लि. सासनी की ओर से रविकांत अग्रवाल ने भी थाने में तहरीर दी, जिसमें कहा गया है कि हमारे प्रतिष्ठित माधव ब्रांड को इस पकडे़ व्यक्ति के द्वारा क्षति पहुंचाने का काम किया गया है। माधव ब्रांड घी के नाम से नकली पैकिंग कराकर उसे बाजार में बेचने का प्रयास किया गया है।