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Hathras News: महंगाई के झटके लिए रहिए तैयार, 25 फीसदी बढ़ेगा माल भाड़ा

Wed, 20 May 2026 01:46 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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माल भाड़ा बढ़ाने के लिए आपस में बात करते ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : Samvad
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डीजल के दामों में भले ही करीब चार रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने 25 फीसदी मालभाड़ा बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन स्तर पर विभिन्न रूटों के वर्तमान खर्च और प्रस्तावित नए किराये का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही नई दरें लागू की जा सकती हैं।
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हाथरस गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को हुई, जिसमें सभी ट्रांसपोर्टर ने सर्वसम्मति से 25 से 30 प्रतिशत भाड़ा बढ़ाने का निर्णय लिया। उनका तर्क था कि डीजल की मूल्यवृद्धि की मार ट्रांसपोर्ट कारोबारी अब अब सहन नहीं कर पाएंगे। ट्रांसपोर्टरों ने व्यापारियों से इस मुश्किल घड़ी में सहयोग मांगा।



कारोबारियों ने कहा कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से एक ही दर पर माल की ढुलाई का कार्य करते हैं। पिछले 10 वर्षों में डीजल के रेटों में भारी वृद्धि, टोल टैक्सों और टायर के दामों में वृद्धि हो चुकी है। इसकी वजह से भाड़ा बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है। अध्यक्षता राघवेंद्र सिंह ने की। बैठक में अध्यक्ष नवजोत शर्मा, सचिव अमित बंसल, राहुल गुप्ता, राजू मलिक, प्रदीप सारस्वत, अरुण जैन, सागर मलिक, विष्णु शर्मा, कपिल मलिक, सुमित बंसल, तनुज शर्मा, सौरभ अरोरा आदि मौजूद थे।
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जिले के उद्योगों पर पड़ेगा विपरीत असर

हाथरस औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। यहां से प्रतिदिन करीब 350 ट्रकों के माध्यम से हींग, मसाले, रसायन, कृषि उत्पाद, कपड़ा और अन्य औद्योगिक सामान देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है। सबसे अधिक परिवहन मुंबई, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा के लिए होता है। व्यापारिक जानकारों का मानना है कि यदि माल भाड़े में 25 फीसदी तक वृद्धि होती है तो इसका असर जिले की सप्लाई चेन और बाजार मूल्य दोनों पर दिखाई देगा।









ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की दलीलपिछले 10 वर्षों से माल भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि इस दौरान डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और कर्मचारियों के वेतन में लगातार इजाफा हुआ है। अब मौजूदा दरों पर काम करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
-अमित बंसल, ट्रांसपोर्टर।









डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने से प्रति ट्रिप की लागत में काफी अंतर आया है। लंबी दूरी के रूटों पर यह दबाव और अधिक महसूस हो रहा है, जिससे भाड़ा बढ़ाना आवश्यक हो गया है।
-राघवेंद्र सिंह, ट्रांसपोर्टर।







विभिन्न राज्यों के लिए वर्तमान भाड़े और बढ़े हुए खर्च का तुलनात्मक डाटा तैयार किया जा रहा है। सभी ट्रांसपोर्टरों की सहमति के बाद नई दरें तय की जाएंगी, ताकि किसी प्रकार की असमानता न रहे।
-नवजोत शर्मा, ट्रांसपोर्टर।







पिछले 10 वर्षों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लागत कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण किराये में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
-प्रदीप सारस्वत, ट्रांसपोर्टर।






कारोबारियों पर भी बढ़ेगा दबाव

पहले ही कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ी हुई है। यदि परिवहन खर्च भी बढ़ता है तो इसका सीधा असर उत्पादों के बाजार मूल्य पर पड़ेगा, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।
-अभय गर्ग, वरिष्ठ उद्यमी।







माल भाड़ा बढ़ने से छोटे और मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा। कई उत्पादों की लागत बढ़ने से बाजार में उनकी मांग प्रभावित हो सकती है। जिले के उद्यमी पहले से ही कच्चे माल में बढ़ोतरी के कारण परेशान हैं।
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-रामकुमार अग्रवाल, वरिष्ठ उद्यमी।






कारोबार पर एक नजर-
90 के करीब ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं जिले में।

-300 से अधिक कमीशन एजेंट्स हैं ट्रांसपोर्ट कारोबार में।

-1400 करीब छोटे-बड़े ट्रक व अन्य माल वाहक वाहन हैं जिले में।

-340 से अधिक माल वाहक वाहनों का जिले में होता है आवागमन।
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