जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने मृतक व्यक्ति के नाम पर फर्जी केसीसी ऋण लेने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र का दो साल पुराना है।
सिकंदराराऊ के गांव आबू तालिमपुर निवासी राजवीर सिंह ने वर्ष 2024 में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पिता नत्थू सिंह के नाम पर धोखाधड़ी हुई। केनरा बैंक पुरदिलनगर के प्रबंधक व अन्य ने फर्जी फोटो और कूटरचित हस्ताक्षर का उपयोग किया। 23 दिसंबर 2020 को फर्जी तरीके से केसीसी लोन पास कराया गया था। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब राजवीर सिंह के भाई ने दूसरे बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। विवेचना के दौरान गांव नारई निवासी जीतू ठाकुर उर्फ जितेंद्र सिंह का नाम सामने आया।
जीतू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जीतू ठाकुर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत दाखिल की थी। उसके अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और एफआईआर में नामित नहीं है। उन्होंने कहा कि उसे सहअभियुक्तों के बयानों के आधार पर फंसाया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी है।