संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मुरसान विकास खंड के एक सरकारी स्कूल की अध्यापिका का सोमवार को कोरोना से मौत हो गई। अलीगढ़ के निजी अस्पताल में उनका कई दिनों से इलाज चल रहा था। शिक्षिका की मौत पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शोक व्यक्त करते हुए डीएम को ज्ञापन देकर शिक्षकों की स्कूल आने की अनिवार्यता की पाबंदी खत्म करने की मांग की है।
विकास खंड मुरसान के गांव मोहनपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका पिछले कई दिनों से बीमार चल रहीं थी। परिवार के लोगों ने उन्हें अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां पर उनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनका कोरोना का इलाज भी वहां पर शुरू हो गया, लेकिन सोमवार की सुबह शिक्षिका की इलाज के दौरान अलीगढ़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई।
इसकी जानकारी अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं को हुई तो वह काफी परेशान हो गए। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षिका की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने डीएम को ज्ञापन दिया।
जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी से लौटने के बाद ज्यादातर शिक्षक शिक्षिकाओं को खांसी बुखार की समस्या है। इधर, शिक्षिका की कोरोना से मौत के बाद शिक्षक शिक्षिकाएं दहशत मेें आ गए हैं, क्योंकि स्कूलों में आधे से ज्यादा स्टाफ दूसरे जनपदों से आ रहा है। यह कार्य घर पर रह कर भी किया जा सकता है। ऐसे में शिक्षकों को घर पर ही रहकर कार्य कराने की मांग की गई।