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सैन्यकर्मी हत्याकांड: पुलिस ढूंढ़ती रही, कुरुक्षेत्र जेल पहुंचे आरोपी, आरोपियों की अचानक गिरफ्तारी पा उठे सवाल

Sun, 15 Feb 2026 11:13 AM IST
चमन शर्मा कमल वार्ष्णेय, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस पुलिस के अनुसार इस मामले में कुरुक्षेत्र पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, इसकी जांच के लिए वहां के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। साथ ही कुरुक्षेत्र में जेल में बंद दोनों हत्यारोपियों का हाथरस पुलिस अब बी-वारंट लेगी, जिसके बाद रिमांड पर इन्हें हाथरस लाया जाएगा।
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मृतक सैन्य कर्मी अखिलेश - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सैन्यकर्मी अखिलेश के हत्यारोपियों की तलाश में हाथरस पुलिस की पांच टीमें यूपी के अलावा दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान तक खाक छानती रहीं। सर्विलांस और एसटीएफ भी लगी थी, किसी को भनक तक नहीं लगी मुख्य हत्यारोपी विक्रम उर्फ विक्की और उसका साथी केके पंडित कुरुक्षेत्र हरियाणा में तमंचे के साथ गिरफ्तार होकर जेल चले गए।

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हाथरस पुलिस के अनुसार इस मामले में कुरुक्षेत्र पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, इसकी जांच के लिए एसपी हाथरस की तरफ से वहां के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। साथ ही कुरुक्षेत्र में जेल में बंद दोनों हत्यारोपियों का हाथरस पुलिस अब बी-वारंट लेगी, जिसके बाद रिमांड पर इन्हें हाथरस लाया जाएगा।

प्रेम विवाह की रंजिश में सैन्यकर्मी अखिलेश की पांच फरवरी को आगरा रोड पर थाना सादाबाद क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गांव समदपुर के रहने वाले अखिलेश आगरा में तैनात थे, छुट्टी लेकर कोर्ट में एक मामले की तारीख पर आए थे। लौटते समय बढ़ार चौराहे के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी बहन डॉली ने मुख्य हत्यारोपी विक्रम उर्फ विक्की, केके पंडित सहित 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अखिलेश ने विक्रम उर्फ विक्की की बुआ की बेटी निधि से प्रेम विवाह किया था, इसी पर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में अखिलेश के खिलाफ दर्ज कराए गए मारपीट व धमकी देने सहित अन्य धाराओं के मामले में कोर्ट में आरोप तय होने थे, वारदात के समय वह उसी की तारीख से लौट रहे थे। सात फरवरी को पुलिस ने विशाल और राजा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सैन्यकर्मी की पत्नी नौ फरवरी को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थी, जिसके बाद इस मामले में एसटीएफ को भी लगाया गया था। 

कुरुक्षेत्र में विक्रम व केके पंडित पकड़े गए हैं। तीन दिन बाद सूचना मिली थी कि दोनों की तमंचों के साथ गिरफ्तारी हुई है। कुरक्षेत्र पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। गिरफ्तारी कैसे हुई और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच के लिए हरियाणा पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी

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आरोपियों की अचानक गिरफ्तारी पर उठे सवाल
सैन्यकर्मी की हत्या के मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ विक्की थाने का गैंगस्टर है और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी और उसके साथी को कुरुक्षेत्र पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन जेल भेजने से पहले इसकी सूचना हाथरस पुलिस को नहीं दी।

विक्की का आपराधिक इतिहास जानने की कोशिश तक नहीं की गई। सैन्य कर्मी की पत्नी नौ फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थी। इसके बाद एसटीएफ को भी इस मामले में लगाया गया था। इसके बाद ही कुरुक्षेत्र में विक्की और उसका साथी गिरफ्तार हो गए। ऐसे में एनकाउंटर की आशंका रही होगी। सवाल तो हाथरस पुलिस पर भी उठ रहे हैं। सनसनीखेज वारदात में पुलिस की पांच टीमें, सर्विलांस और स्पेशल टास्क फोर्स लगी थी, लेकिन सभी को चकमा देकर विक्रम अपने साथी के साथ कुरुक्षेत्र तक पहुंच गया। गिरफ्तारी के तीन दिन बाद हाथरस पुलिस को इसकी भनक लगी। 

छह अभी तक नहीं पकड़े गए
हत्याकांड में दस लोग नामजद थे, जिनमें से चार अब जेल में है। प्रकरण में विक्रम के पिता रमेशचंद्र, जगवीर, अंकित, भोला, हेमंत, राजा व गब्बर अभी भागे हुए हैं। ये सभी गांव समदपुर के ही रहने वाले हैं। यह भी चर्चा है कि इनमें से दो ने राजस्थान में आत्मसमर्पण किया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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