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जनहित में मांगी जाएं आरटीआई के तहत सूचनाएं

Thu, 26 Nov 2015 11:50 PM IST
hathras
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सादाबाद। प्रदेश में सूचना का अधिकार अधिनियम के मामलों के निस्तारण की गति संतोषजनक है। उनकी ज्वाइनिंग के बाद एक साल के अंदर आरटीआई के लंबित 6800 मामलों में से 3 हजार मामले निस्तारित हो चुुके हैं, शेष मामलों को भी जल्द ही निस्तारित किया जाएगा।
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यह बातें पत्रकारों से बातचीत के दौरान कस्बे के पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में यूपी स्टेट इनफॉरमेशन कमिश्नर सैयद हैदर अब्बास रिजवी ने कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सूचना आयोग में 10 कमिश्नर हैं, जो कि आरटीआई के मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। जिले की वेबसाइट पर आरटीआई से जुड़ी जानकारी अपडेट न होने के सवाल पर उन्हाेंने कहा कि यह काम जिला प्रशासन का है, यदि वेबसाइट पर धारा 4 के तहत अपटूडेट जानकारी लोगों को मिलेगी तो उन्हें इस कानून समुचित लाभ मिलेगा।
जिले के सरकारी कार्यालयों के बाहर जनसूचना अधिकारी का बोर्ड न होने के सवाल पर बोले कि प्रत्येक सरकारी विभाग के कार्यालय के बाहर जनसूचना अधिकारी का बोर्ड और उसका मोबाइल नंबर होना अतिआवश्यक है। आरटीआई का कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग करने के बारे में उन्होंने कहा कि इस मसले को आयोग मेरिट पर देखेगा। आरटीआई केंद्र सरकार का एक्ट है।
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इसे अधिक पारदर्शी बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आगामी दिनों लखनऊ में आरटीआई के वर्कशॉप भी होंगे, जिसमें आरटीआई के पर्याप्त प्रचार प्रसार पर भी बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरटीआई के तहत यदि किसी विभाग का जनसूचनाधिकारी 30 दिन के अंदर सूचनाएं नहीं देता, तो प्रथम अपीलीय अधिकारी के यहां अपील की जा सकती है।
61वें दिन आरटीआई आवेदक आयोग का दरवाजा खटखटा सकता है। आरटीआई आवेदक अधिक से अधिक आरटीआई जनहित में मांगी जाएं, जिससे लोगों को न्याय मिल सके और जनता का इस कानून पर विश्वास और अधिक कायम हो सके। इस मौके पर एसडीएम वैभव मिश्रा भी मौजूद थे।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में राज्य सूचना आयुक्त सैयद हैदर अब्बास रिजवी से हाथरस व कस्बे के कई आरटीआई कार्यकर्ता मिले और बुके आदि भेंट कर उनके समक्ष अपनी अपनी समस्याएं भी रखीं।
कस्बे के आरटीआई एक्टिविस्ट शैलेंद्र नगाइच एडवोकेट के अलावा शहर के आरटीआई आवेदक गौरव अग्रवाल, मधुशंकर अग्रवाल, देेवेंद्र गुप्ता, अजय शर्मा ने लिखित और मौखिक रूप से अपनी समस्याएं रखीं और आरटीआई का जवाब न देने वाले विभाग व उनके जनसूचनाधिकारियों की शिकायत भी की और कानून को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव भी रखे। इधर, कुछ लोगों ने आरटीआई के जरिए हो रहे उत्पीड़न की भी शिकायत की। इस दौरान एसडीएम सादाबाद वैभव मिश्रा भी मौजूद थे।
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