श्रमिकों को ऐसे मिलेगा फायदा
इस एप में श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए अलग-अलग मॉड्यूल हैं। श्रमिक पंजीकरण के दौरान अपना नाम, मोबाइल नंबर, कौशल, अनुभव, पता, उपलब्धता और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेंगे। प्रोफाइल तैयार होने के बाद उन्हें डैशबोर्ड पर उनके कौशल के अनुसार रोजगार की जानकारी मिलेगी। वे स्थान, मजदूरी, कार्य के प्रकार और अन्य विकल्पों के आधार पर काम की तलाश कर सकेंगे। एप में जीपीएस आधारित मैप सुविधा भी है, जिससे आसपास उपलब्ध कार्यों की जानकारी मिल सकेगी। श्रमिक यह भी देख सकेंगे कि उन्होंने किन-किन कार्यों के लिए आवेदन किया है और उनका क्या स्टेटस है।
नियोक्ताओं को कराना होगा पंजीयन
एप पर नियोक्ता और ठेकेदार भी मोबाइल नंबर के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकेंगे। वे आवश्यकता के अनुसार नौकरी पोस्ट करेंगे और कौशल, अनुभव तथा स्थान के आधार पर श्रमिकों की प्रोफाइल खोज सकेंगे। एप पर यह भी दिखाई देगा कि किसी नौकरी के लिए कितने श्रमिकों ने आवेदन किया है। आवश्यकता होने पर नियोक्ता नौकरी के विवरण में संशोधन भी कर सकेंगे।
1.12 लाख कर्मी है बोर्ड में पंजीकृत
हाथरस में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 1.12 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। श्रम विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को इस एप से जोड़कर रोजगार प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।