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हत्या के मामले में कार्रवाई न करने पर भड़का गुस्सा, महिलाओं ने लगाया जाम

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सिकंदराराऊ रोड पर जाम के दौरान लाठी लेकर आक्रोश जाहिर करती महिला। - फोटो : HATHRAS
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हत्या में कार्रवाई नहीं करने पर भड़का गुस्सा, लगाया जाम
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पुलिसकर्मियों से तीखी नोक-झोंक के बीच हंगामा
जाम में सिकंदराराऊ रोड पर फंसे काफी वाहन
बोजिया में होली पर हुई एक हत्या में पुलिस पर कई आरोपियों को बचाने का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन के गांव बोजिया में हत्या के मामले में कई आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आक्रोशित महिलाएं सड़क पर उतर आई। इन महिलाओं ने गांव सोखना के बाहर सिकंदराराऊ रोड पर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। हाथों में डंडे लेकर सड़क पर उतरी इन महिलाओं ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस की इन महिलाओं से तीखी नोकझोंक भी हुई। कई वाहन चालकों ने जब जाम से निकलने की कोशिश की तो महिलाओं ने बलपूर्वक उनको रोक दिया। इस दौरान खासा हंगामा भी हुआ। बाद में एडीएम और सीओ सिटी ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बोजिया में 21 मार्च 2019 को दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसमें एक पक्ष का विजय सिंह की बुरी तरह से जख्मी हो गया था। उसकी इलाज के दौरान आगरा में मौत को गई। इस मामले में पुलिस ने अजीत, अंकित, अनिल और रघुन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि पुलिस दान सिंह, राजेश और कमल सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने डीआईजी, आईजी व मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। रविवार को इस बात से गुस्साई दर्जनों महिलाएं सिकंदराराऊ पर आ गईं और जाम लगा दिया। न इन महिलाओं के हाथों में डंडे लगे हु्ए थे।
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हालांकि इनके साथ पुरुष भी थे लेकिन वह साइड में ही खड़े रहे। कुछ वाहन चालकों ने जब वहां से निकलने की कोशिश की तो महिलाओं ने डंडे के जोर पर इन्हें नहीं निकलने दिया। मौके पर पुलिसकर्मी भी पहुंच गए तो महिलाओं की उनसे भी तीखी नोक-झोंक हो गई और खासा हंगामा खड़ा हो गया। कोतवाली हाथरस गेट एसएचओ जितेंद्र सिंह दीखित दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने गुस्साए महिला पुरुषों को काफी समझाया, लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं हुए। एडीएम अशोक कुमार शुक्ला और सीओ सदर राम शब्द यादव मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान वहां जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी पहुंच गए। इन सभी ने गुस्साए लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। करीब एक घंटे बाद महिलाएं जांच कर कार्रवाई किए जाने के आश्वासन पर शांत हुईं और फिर जाम खोला।
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एक पुराने मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए महिलाओं द्वारा रोड पर जाम लगाया गया था। जिस पर उन्हें जांच कर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया गया है, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया।
-रामशब्द यादव, सीओ सिटी।
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