जिला गंगा समिति के बैनर तले जिला परियोजना अधिकारी की नियुक्ति के लिए करीब एक साल पहले परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से की गई है। इसमें धांधली कर नियुक्ति किए जाने की बात कही गई है।
गांव सोखना निवासी जितेंद्र कुमार ने शिकायत में कहा है कि उन्होंने इस परीक्षा में प्रतिभाग किया था। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 71 थी। इसके साक्षात्कार के लिए तत्कालीन डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। प्राप्त साक्षात्कार पत्र में लिखित परीक्षा अंकित नहीं थी। जितेंद्र का आरोप है कि किसी अन्य की नियुक्ति होने के बाद तीन बार आरटीआई के तहत दी गई सूचना में धांधली सामने आई।
इसमें 100 नंबरों को कई भागों में विभाजित किया गया था। इसमें निबंध के लिए कुल पांच अंक निर्धारित थे, लेकिन जिसकी नियुक्त की गई, उसे इसके लिए सात अंक दिए गए। वहीं उन्हें कंप्यूटर के लिए कोई अंक दिया ही नहीं गया, जबकि उनकी स्पीड सबसे अधिक थी। उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच कराए जाने की मांग की है।
बहुत ही निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराई गई थी। जिस प्रश्न को 5 अंक का समझा जा रहा है, वह 10 अंक का है। शिकायतकर्ता को भी 5.5 अंक दिए गए हैं। इस नियुक्ति में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। केंद्र सरकार तक के अधिकारी इसमें शामिल हैं। जो भी जांच आएगी, उसमें सबकुछ साफ हो जाएगा।
-डाॅ. सीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, हाथरस।