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Tobacco: मुंह के कैंसर की फैक्ट्री बन रहा अलीगढ़, ओपीडी में 80 फीसदी मरीज तंबाकू से जुड़े

Sun, 31 May 2026 02:44 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

हर साल 31 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से दुनिया भर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, आर्थिक और पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है।
 
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तंबाकू। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अलीगढ़ में तंबाकू और गुटखे की बढ़ती लत अब एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग की ओपीडी में आने वाले करीब 80 फीसदी मरीज मुंह, गला और जीभ के कैंसर से संबंधित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के एनसीडी सेल के आंकड़े भी ओरल कैंसर के बढ़ते खतरे की पुष्टि कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तंबाकू सेवन पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में जिले में कैंसर का बोझ और बढ़ सकता है।

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जिला स्वास्थ्य विभाग के एनसीडी सेल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में ओरल कैंसर के 48 मरीज सामने आए थे, जिनमें 36 पुरुष और 12 महिलाएं थीं। वर्ष 2025 में 17 मरीज दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 23 मरीजों की पहचान हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि यह केवल वे मरीज हैं जो जांच और स्क्रीनिंग के दायरे में आए हैं। वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

जेएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में पहुंचने वाले मरीजों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें मुंह के छाले, मुंह कम खुलना, जीभ में गांठ, गाल की अंदरूनी परत का कड़ा होना और निगलने में परेशानी जैसे लक्षण पाए जाते हैं। जांच में इनमें से अनेक मरीजों में कैंसर या कैंसर पूर्व अवस्था की पुष्टि होती है।
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस को लेकर शनिवार को डॉक्टरों ने इनमें अधिकांश मामलों का संबंध लंबे समय से तंबाकू, गुटखा, खैनी या धूम्रपान के सेवन से होता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू का असर केवल कैंसर तक सीमित नहीं है। इसके कारण अस्थमा, फेफड़ों की बीमारियां, दांत और मसूड़ों के रोग तथा रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी बढ़ रही हैं। घरों में धूम्रपान करने वालों के कारण बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। सिगरेट और बीड़ी के धुएं के संपर्क में आने वाले बच्चों में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

हर साल 31 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से दुनिया भर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, आर्थिक और पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना है।
 

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तंबाकू छोड़ने चार महीने में 349 लोग पहुंचे
दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भी तंबाकू छोड़ने के लिए लगातार काउंसलिंग की जा रही है। अस्पताल के दंत रोग विभाग में वर्ष 2025 के दौरान 206 मरीजों की काउंसलिंग की गई थी, जिनमें 59 मरीज मुख कैंसर या उसकी शुरुआती अवस्था के संदिग्ध पाए गए। वहीं वर्ष 2026 में अप्रैल तक ही 349 लोगों की काउंसलिंग की जा चुकी है। यह संख्या बताती है कि तंबाकू से होने वाली समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में लोग चिकित्सकीय सलाह लेने पहुंच रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
तंबाकू से मुंह के कैंसर के अलावा फेफड़ों का कैंसर, अस्थमा और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियां होती हैं। लोगों को तंबाकू से दूरी बनानी चाहिए। - डाॅ. संजय सिंघल, फिजीशियन, डीडीयू अस्पताल
हमारी ओपीडी में करीब 20 फीसदी ऐसे मरीज आते हैं जिनकी दांत और मसूड़ों की समस्याएं सीधे तंबाकू सेवन से जुड़ी होती हैं। कई मामलों में कैंसर पूर्व अवस्था के लक्षण भी मिलते हैं। - डाॅ. निशित शर्मा, दंत चिकित्सक
एनसीडी सेल के माध्यम से कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग कराई जा रही है। किसी भी तरह का संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आगे उपचार के लिए भेजा जाता है। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
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