परिजन बोले-अंतिम दर्शनों की आस नहीं हुई पूरी
सोमवार की सुबह जैसे ही गांव में सेना के लोग पहुंचे तो अग्निवीर सचिन के परिवारीजन बिलख पड़े। पिता चन्द्रवीर सिंह बार-बार बेटे को पुकार रहे थे। उनका कहना था कि वह अपने बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके हैं। अब परिवार की आखिरी उम्मीद भी टूट गई है।
सचिन की मां लक्ष्मी और बहन श्वेता उनकी याद आते ही रोने लगती हैं। इकलौते बेटे के बारे में सोच-सोचकर मां आए दिन बेहोश हो जाती हैं। सोमवार को सेना के अधिकारियों ने सचिन के पिता चन्द्रवीर सिंह को तिरंगा और बलिदानी होने का प्रमाण पत्र दिया। उस दौरान वह सुध-बुध खो बैठे। आसपास खड़े लोगों ने चन्द्रवीर सिंह को संभाला। परिवार के अन्य सदस्य भी बिलखकर रोने लगे।
चार अगस्त को फोन पर की थी घर वालों से बात, पांच को हादसे के शिकार हो गए
सचिन पौनियां ने गांव के ही तुहीराम इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की और 2021 में बीए के साथ-साथ एनसीसी में प्रशिक्षण लिया। इसी दौरान सचिन ने सेना में भर्ती की तैयारी शुरू कर दी। 30 अक्तूबर 2024 को सचिन अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुए। ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली तैनाती 19 जून को उत्तरकाशी के धराली स्थित हर्षिल घाटी में हुई। पहली तैनाती के लिए सचिन अपने घर से अपने माता-पिता सहित अन्य बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर गए थे। चार अगस्त को सचिन ने अपने परिवार सहित दोस्तों से भी फोन पर बातचीत की थी। पांच अगस्त को हादसे का शिकार हो गए।