चार्जशीट के मुताबिक आयोजनकर्ता एवं सेवादारों ने व्यवस्था बनाने में कोई सहयोग नहीं किया। आयोजनकर्ताओं ने कार्यक्रम में एकत्रित होने वाली भीड़ की संख्या को छिपाकर अत्यधिक लोगों को बुलाया और कार्यक्रम स्थल पर यातायात नियंत्रण के लिए अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया। आयोजक घायलों की मदद किए बिना वहां से भाग गए।
छोटी जगह में बनाया था पंडाल, संकरा था आने-जाने का मार्ग
चार्जशीट में यह बात भी सामने आई है कि आयोजकों एवं सेवादारों ने सत्संग के लिए जो पंडाल बनाया था, वह छोटा और कम जगह में था। श्रद्धालुओं के आने-जाने का रास्ता भी संकरा बनाया गया था। आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से जिस हिसाब से भीड़ बुलाई गई थी, उस हिसाब से न तो रास्ता व पंडाल बढ़ाया गया और न ही अन्य इंतजाम किए गए।