पंचांग के अनुसार इस वर्ष 2025 में होलाष्टक की शुरुआत सात मार्च से हो रही है। इसका समापन 13 मार्च को होलिका दहन के साथ होगा, इसलिए होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना निषिद्ध है। होलाष्टक के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम, हनुमान चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुभ फलदायी माना जाता है। इस दौरान जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। पितरों की शांति के लिए तर्पण करना भी लाभकारी होता है। होलाष्टक के दौरान नए मकान, दुकान या किसी नए व्यापार की शुरुआत करना शुभ नहीं माना जाता है।
17 मार्च को होगा बासोड़ा पूजन
विद्वानों की मानें तो इस साल 14 मार्च को होली खेले जाने के बाद बासोड़ा का पूजन 17 मार्च को होगा। पुलिस प्रशासन की ओर से दोनों पर्वों के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की जा रही है।