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Hathras News: मोना के बाद अब अंकित व उसके गिरोह की तलाश

Sun, 05 Jul 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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जिला अस्पताल से मोना ठाकुर को एंबुलेंस से ले जाती पुलिस। संवाद - फोटो : Samvad
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गैंगवार में शामिल कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मोना ठाकुर को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में अलीगढ़ जेल भेजा गया। इधर, अब पुलिस गंगचौली के अंकित व उसके साथियों की तलाश में जुट गई है।
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पुलिस की गोली के डर से शेष आरोपी सरेंडर करने की फिराक में हैं, इसलिए न्यायालय परिसर में भी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि 18 जून को अलीगढ़-आगरा बाइपास पर हुई गैंगवार में वांछित एक गिरोह के मुख्य आरोपी मोना ठाकुर निवासी नगला इमलिया को पुलिस ने शुक्रवार को हाथरस जंक्शन में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
आमने-सामने की फायरिंग में पुलिस की दो गोलियों मोना के दोनों पैरों में लगीं। रातभर मोना जिला अस्पताल में भर्ती रहा। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शनिवार की सुबह पुलिस की मौजूदगी में दोनों पैरों की ड्रेसिंग कराई गई। इस दौरान पत्नी व परिवार के अन्य लोग अस्पताल में ही बने रहे।
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दोपहर को एंबुलेंस के जरिये पुलिस मोना को जिला न्यायालय लेकर पहुंची, जहां सीजेएम कोर्ट में उसे पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है।



गंगचौली के युवकों की तलाश में पुलिस

इस गैंगवार में एक गिरोह कुख्यात मोना ठाकुर और दूसरा गिरोह गंगचौली के युवकों का है। पुलिस ने एफआईआर में गंगचौली के शानू, अनुज उर्फ घोड़ी, हेमू ठाकुर उर्फ सचिन व जितेंद्र निवासी खेड़ा परसौली को नामजद किया था, लेकिन बाद में अंकित का भी नाम शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक अंकित गिरोह का सरगना है तथा वह भी गैंगवार के दौरान मौजूद थे। पहले पक्ष से पुलिस मोना ठाकुर व छोटू राणा के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। संदीप व सूर्या सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र डाल चुके हैं। अब गंगचौली का गिरोह शेष रह गया है, जिनके पीछे एसओजी व हाथरस गेट पुलिस लगी है। एनकाउंटर से बचने के लिए यह गिरोह भी सरेंडर करने की फिराक में है।



राजेश टोंटा के समय से चल रही रंजिश

गंगचौली के गिरोह से यह रंजिश आज की नहीं, बल्कि कुख्यात राजेश टोंटा के समय से चली आ रही है। शहर व आसपास के इलाकों में राजेश के रहते गंगचौली व अखईपुर गैंग का वर्चस्व खत्म हो गया था, जिस कारण अकसर टकराव की स्थिति रहती थी। मोना राजेश के गिरोह से जुड़ा था। राजेश टोंटा की हत्या के बाद गिरोह बिखरा तो गंगचौली व अखईपुर ने फिर से शहर पर दबदबा बनाने का प्रयास किया। इसी वर्चस्व की जंग में दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने आते रहे हैं। जमीन के काम में हस्तक्षेप के कारण फिर से गैंगों में टकराव हुआ और हाईवे पर सरेराह 50 से अधिक राउंड फायरिंग हुई।







मोना को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे कड़ी सुरक्षा में अलीगढ़ जेल ले जाया गया। गैंगवार में शामिल अन्य अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
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