बिसावर में झोपड़ी में आग से हुए नुकसान का जायजा लेते अधिकारी। संवाद
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बिसावर के मोहल्ला मुकुंदपुर में सोमवार देर रात अलाव से एक झोंपड़ी में आग लग गई। हादसे में झोंपड़ी में सो रहे बनी सिंह(65) जिंदा जल गए। उनके पास में ही बंधी 14 बकरियां भी जल गईं। ग्रामीणों आग बुझाने के बाद जलकर राख हुई झोंपड़ी के मलबे से वृद्ध के शव को ढूंढकर निकाला।
बनी सिंह यहां पर अकेले ही रहते थे। उनका बेटा श्रीकृष्ण मां के साथ अपनी ननिहाल गांव बिसाना चंदपा में रहता है। बनी सिंह के भाई सुंदर भी मोहल्ला चावड़, बिसावर में अपने परिवार के साथ रहते हैं।बनी सिंह गांव में रहकर बकरियों का दूध बेचकर गुजर-बसर करते थे। झोंपड़ी में ही बकरियां बंधी रहती थीं। ग्रामीणों ने सर्दी से बचने के लिए जलाए अलवा से झोंपड़ी में आग लगने की आशंका जाहिर की।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार रात दो बजे झोपड़ी से आग की लपटें उठीं तो घटना की जानकारी हुई, जब तक लोग ग्रामीण पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी। पूरी झोंपड़ी आग की चपेट में आ गई थी। अंदर जाना मुश्किल था। उस समय बनी सिंह के कोई चीखने-चिल्लाने की भी आवाज नहीं आ रही थी। संभावना है कि धुएं के कारण वह नींद में ही बेहोश हो गए होंगे।
ग्रामीणों ने सबमर्सिबल व अन्य साधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों ने अवशेषों में वृद्ध को तलाशने का प्रयास किया। वृद्ध का शव पूरी तरह जल चुका था। मौके पर मृत बकरियां भी इधर-उधर पड़ी थीं।
मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी की। हादसा दुखद है। आग लगने के कारण की जांच चल रही है। पीड़ित परिवार की नियमानुसार हर संभव मदद की जाएगी।
हेमंत चौधरी, तहसीलदार