हाथरस। आनलाइन बिलिंग सिस्टम में महीने के अंदर ही बिल जमा न करना उपभोक्ताओं को महंगा पड़ेगा। महीने की अंतिम तारीख के बाद अगर उपभोक्ता बिल जमा करने पहुंचेंगे तो उनका पेमेंट अब पहले की तरह बैक डेट की बजाय अब अगले महीने में ही रिसीव होगा और इसका खामियाजा उन्हें 150 रुपये की ब्याज के रूप में भुगतना पड़ेगा यानि अब बिल जमा करने में लेटलतीफी उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ा सकती है। अभी तक शहर के विद्युत उपभोक्ताओं को महीना खत्म होने के बाद पिछले महीने का बिल जमा कराने की आदत पड़ी है। यह आदत इसलिए भी है, क्योंकि विद्युत अधिकारी अक्सर लक्ष्य पूरा करने की खातिर बीते महीने का पेमेंट महीना खत्म होने के बावजूद बैक डेट में रिसीव कर लेते थे और उपभोक्ता को उसकी रसीद भी काटकर दे देते थे। बैक डेट में बिल जमा करने का यह सिलसिला नए महीने के पहले हफ्ते तक तो चलता ही था और कभी-कभी 10 तारीख तक भी पिछले महीने का पेमेंट बैक डेट फार्मूले से जमा हो जाता था, लेकिन अब न तो विद्युत अधिकारी यह खेल कर पाएंगे और न ही उपभोक्ता बैक डेट में बीत चुके महीने का पेमेंट जमा करा पाएंगे। अगर महीने के अंत तक वह बिल जमा करने से चूक गए तो उनके बिल में 150 रुपये का ब्याज लग जाएगा।
महीने की अंतिम तारीख को शाम पांच बजे के बाद यूपीपीसीएल हेडक्वार्टर से पिछले महीने की बिलिंग क्लोज कर दी जाएगी और साफ्टवेयर को तब तक के लिए लॉक कर दिया जाएगा, जब तक पिछले महीने की बिलिंग का पूरा हिसाब-किताब न लग जाए। हिसाब फाइनल होने के बाद पहली या दूसरी तारीख में साफ्टवेयर को खोला जाएगा और उसके बाद ही नए पेमेंट की रिसीविंग शुरू हो पाएगी। नए सिस्टम में विद्युत अधिकारियों के साथ अब उपभोक्ताओं बिलों के पेमेंट में लेटलतीफी की आदत बदलनी होगी। प्रोग्राम लॉक होने से महीने की पहली तारीख यानि मंगलवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम के सभी काउंटरों पर बिलिंग का काम पूरी तरह बंद रहा और कंप्यूटर शांत पड़े रहे। बिल जमा कराने पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस लौटना पड़ा। उपभोक्ताओं से कहा गया कि अब इस महीने से उनके बिल महीने की पहली और संभवतया दूसरी तारीख में भी जमा नहीं होंगे। 3 तारीख से नई बिलिंग शुरू हुआ करेगी, क्योंकि ऊपर से कंप्यूटर का लॉक 2 या 3 तारीख में ही खुला करेगा।