गांव लाखनू में नहर की पटरी कटने से फसल में भरा पानी। स्रोत: ग्रामीण
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जिले में लगातार नहर व बंबा की पटरियां (रास्ते) कटने के कारण खेतों में पानी भरने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को भी गांव लाखनू में नहर की पटरी कटने से पास की करीब 90 बीघा आलू व सरसों की फसल में पानी भर गया।
क्षेत्र के गांव लाखनू से गुजर रही नहर की पटरी कटने से किसानों की करीब 90 बीघा फसल में पानी भर गया। इससे करीब आधा दर्जन किसानों की आलू व सरसों के खेतों में एक-एक फुट पानी भर गया। किसानों ने बताया है कि बुधवार सुबह अचानक नहर की पटरी कट गई। तेज बहाव के साथ पानी खेतों में भरने लगा। इससे किसानों में खलबली मच गई। किसानों ने अपने स्तर सेि पानी रोकने की कोशिश की। साथ ही इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची सिंचाई विभाग की टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद पानी को रोका। टीम ने बताया है कि सेही नामक जानवर नहर व पटरियों में छेद कर खोखला कर देता है। इसमें पानी भरने से पटरियां कट जाती हैं। जिले में अब तक अलग-अलग क्षेत्र से आए मामलों में करीब चार सौ बीघा फसल पानी से बर्बाद हुई है।
बातचीत
सुबह अचानक पटरी कटने की सूचना मिली। मौके पर जाकर देखा तो करीब 15 बीघा आलू की फसल में पानी भर गया। इससे फसल में काफी नुकसान है। - नरेंद्र कुमार, किसान गांव लाखनू, हाथरस।
नहर की पटरी कटने के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। आलू की करीब आठ बीघा व सरसों की करीब चार बीघा खड़ी फसल में पानी भर गया है। -विष्णुकांत, किसान गांव लाखनू, हाथरस।
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अब अक्सर नहर व बंबा की पटरियां कटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। मेरी 15 बीघा आलू की फसल पानी में डूब गई है। - गोपाल, किसान गांव लाखनू, हाथरस।
वर्जन ...
सुबह आठ बजे मामले की सूचना मिल गई थी। तत्काल मौके पर पहुंचकर दोपहर करीब 12 बजे तक कटाव को रोका गया। इस क्षेत्र में सेही के अधिक बिल हैं। इनमें पानी भरने के कारण पटरी कटी थी। - पुष्पेंद्र वर्मन, एई, सिंचाई विभाग।