हेडिंग
बैंक की जगह एयरटेल के एकाउंट में पहुंची कमाई
क्रासर
डीबीटी सिस्टम बना अधिकारियों के लिए सिरदर्द
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। गांव जिरौली कलां निवासी दिनेश कुमार सिंह मंगलवार की शाम विकास भवन स्थित जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में पहुंचे। यहां दिनेश ने पीडी चंद्र शेखर शुक्ल से मुलाकात कर एक ऐसी समस्या बताई, जिसे सुनकर अधिकारी और कर्मचारी परेशान हो गए और फाइलों को खंगालने लग गए। यहां दिनेश ने बताया कि उसने मनरेगा के तहत काम किया था। इसका भुगतान अभी तक उसके खाते में नहीं पहुंचा है, जबकि विभाग की ओर से धनराशि जारी की जा चुकी है।
इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि यह धनराशि उसके एयरटेल नंबर इस्तेमाल करने वाले एकाउंट में चली गई। जब इसकी बारीकी से जानकारी की गई तो पता चला कि शासन स्तर से डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जाती है। डीबीटी के जरिए उस खाते में धनराशि ट्रांसफर की जाती है, जिस खाते में आखिर में आधार को लिंक किया जाता है। शासन स्तर से मनरेगा के तहत काम करने वाले ग्रामीणों के खातों को एबीपीएस के तहत आधार से लिंक किया जा रहा है, ताकि डीबीटी के माध्यम से सीधा लाभार्थी के खाते में धनराशि भेजी जा सके। लेकिन यह डीबीटी माध्यम अब अधिकारियों के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है। इस माध्यम के तहत अगर जॉब कार्डधारक द्वारा बैंक खाते के बाद किसी भी एकाउंट से आधार लिंक किया जाता है तो मनरेगा की धनराशि सीधे उसी खाते में चली जाती है। इस कारण लाभार्थी और विभाग दोनों ही परेशान हो जाते हैं। फिलहाल विभाग के पास इसी प्रकार के कई मामले आ चुके हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
----------------
डीबीटी के जरिए मनरेगा जॉब कार्डधारक के खाते में सीधे धनराशि भेजी जा रही है। डीबीटी प्रोसेस में यह कमी है कि अंतिम आधार लिंक वाले एकाउंट में धनराशि चली जाती है। इस कारण समस्या सामने आ रही है। उच्चाधिकारियों को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है। एक जॉब कार्डधारक आया था, जिसकी धनराशि बैंक खाते में जाने की बजाय एयरटेल एकाउंट में पहुंच गई।
-चंद्रशेखर शुक्ला, पीडी हाथरस