पकड़े गए टैंकर से पाम ऑयल का सेंपल भरती एफडीए टीम।
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कर चोरी की आशंका में वाणिज्य कर विभाग ने सोमवार दोपहर को गुजरात से मंगाए गए खुले 27 हजार लीटर खाद्यान्न तेल को शहर के गणेश गंज बाजार में पकड़ लिया। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यह तेल जिस फर्म ने मंगाया था, तेल की डिलीवरी वहां न होकर दूसरी फर्म पर की जा रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक ऐसा टैक्स चोरी के लिए किया जा रहा था। इस मामले में अभी विभाग ने कर चोरी पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि तय नहीं की है। वहीं मिलावट या नामचीन कंपनियों की जाली ब्रांडिंग कर तेल बेचे जाने के अंदेशे पर एफडीए ने भी तेल का नमूना भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। तेल के टैंकर को कोतवाली पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है।
वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर संजय शर्मा ने बताया कि तेल को एक फर्म ने अपने नाम से गुजरात से मंगाया था। यह एक बिचौलिया फर्म है। टैंकर के तेल को एक दूसरी ट्रेडिंग कंपनी पर उतारा जा रहा था। काफी मात्रा में तेल उतारा जा चुका था। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई है। बिचौलिया फर्म अपने नाम तेल मंगाकर दूसरे के यहां अगर सीधे उतरवाती है तो टैक्स चोरी माना जाता है। कर चोरी लाखों में हो सकती है।
वाणिज्यकर विभाग के कमिश्नर ने बड़े पैमाने पर खुला तेल मंगाए जाने पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर खुले तेल की खपत किस तरह से की जा रही है। उन्होंने कहा कि तेल को सोयाबीन ऑयल बताया जा रहा है लेकिन एफडीए की टीम को बुलाकर इसका नमूना भरा गया है ताकि तेल की प्रकृति के बारे में पता चल सके।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन ऑयल या रिफाइंड की खुली बिक्री नहीं होती। ऐसी आशंका है कि इसका इस्तेमाल मिलावट या किसी नामचीन ब्रांड के नाम से नकली पैकिंग कर लोगों को चूना लगाने में किया जा रहा हो। संजय शर्मा ने कहा कि कर चोरी पर जुर्माने का असिस्मेंट किया जा रहा है। जल्द ही इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डीओ स्वेता सैनी ने बताया कि नमूने भरे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वह कुछ कह सकते हैं।