विकास भवन में बुधवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सुबह 10:20 बजे किए गए इस निरीक्षण में 20 जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सीडीओ ने गैरहाजिरों का नौ सितंबर का वेतन व मानदेय अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। उन्होंने विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीडीओ को जिला समाज कल्याण अधिकारी सरिता सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्मृति गौतम, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) दीपक कुमार, प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी राकेश बाबू, सहायक संख्याधिकारी (बचत) रामनरेश गौतम और डीएमएम एनआरएलएम रंजन कुमार गैरहाजिर मिले।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के वरिष्ठ सहायक सूर्य प्रकाश की उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर तो मिले, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थे। सीडीओ ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें गैरहाजिर मानकर वेतन रोकने के आदेश जारी किए। सहायक आयुक्त सहकारिता कार्यालय में सहायक विकास अधिकारी मुकेश कुमार, धीरेंद्र कुमार पाठक तथा ग्रामीण अभियान विभाग में कनिष्ठ सहायक नवीन कुमार शर्मा की उपस्थिति पंजिका के कॉलम में टी अंकित पाया गया।
लघु सिंचाई कार्यालय में कनिष्ठ सहायक हेमलता कुमारी का भी टूर अंकित मिला। सीडीओ ने इन मामलों को संदेहास्पद मानते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए और सभी को अनुपस्थित मानते हुए वेतन रोक दिया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के पास शौचालय के बाहर पान और पान-मसाला की पीक से गंदगी पाई गई। जांच में पता चला कि कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अनुज कुमार अत्यधिक मात्रा में पान मसाला खाते हैं और गंदगी फैलाते हैं। सीडीओ ने अनुज कुमार को सख्त निर्देश दिया कि वे दो दिनों के भीतर पूरे परिसर की साफ-सफाई कराना सुनिश्चित करें।