न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
बाईपास से रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था का अब साइड इफैक्ट नजर आ रहा है। यह व्यवस्था लोगों की परेशानी का सबब बन गई है। ज्यादातर बसों का संचालन अब बाईपास से होने के कारण की वजह से शहर में यात्री बसों के लिए भटक रहे हैं। मजबूरी में उन्हें बसों में सफर करने के लिए करीब आठ किमी दूर स्थित बाईपास तक सफर तय करना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि प्रत्येक रोडवेज बस का बस स्टेशन होकर गुजरने का नियम है। तत्कालीन डीएम अमित कुमार सिंह ने हाथरस अलीगढ़ डिपो की बसों को छोड़कर अन्य डिपो की बसों का संचालन बाईपास से कराने के आदेश किए थे। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ऐसा किया गया था। जाम से राहत तो नहीं मिली नहीं, बल्कि उनकी परेशानी और अधिक बढ़ गई। अब शहर के लोग यदि बसों से कहीं जाना चाहें तो उन्हें डग्गेमार वाहनों में ही सफर तय करना होगा।
यदि बस से जाना है तो शहर के बस स्टेशन से करीब आठ किमी दूर या तो नगला भुस तक जाना होगा या नगला उम्मेद तक। किराया भी अतिरिक्त चुकाना होगा। ऐसे में न सिर्फ लोगों की परेशानी बढ़ी, बल्कि उनकी जेब पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। शहर के लोगों और दैनिक यात्रियों की डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य से अपेक्षा है कि वह फिर से शहर के अंदर होकर रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था को लागू कराएंगे, जिससे परिवहन निगम के राजस्व में वृद्धि हो सके और यात्रियों का सफर भी सुविधाजनक हो सके। यात्री मोहित अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, निष्कर्ष गोस्वामी आदि ने भी डीएम को पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है।