हाथरस डिपो में मौजूद कुल 84 बसों में से 18 कंडम हो चुकी हैं। 60 बसों को ही नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। छह बसें क्रम में मरम्मत के लिए वर्कशॉप में रहती हैं। बसों की संख्या कम होने से मुसाफिर परेशान हैं। कंडम हो चुकी बसों को फिलहाल ऑफ रूट श्रेणी में दर्शाया जा रहा है। इन बसों की नीलामी फरवरी में होने की संभावना है।
कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने के कारण खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। संख्या कम होने के कारण बसों पर मुसाफिरों का अतिरिक्त दबाव है। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि बसों की हालत खराब होने के कारण उन्हें मार्ग पर नहीं भेजा जा रहा। फरवरी में इनकी जगह पर नई बसों का आवंटन होने की संभावना है।