उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जिले के प्रीपेड कनेक्शन के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में शामिल किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं को जमानत धनराशि भी दोबारा जमा करनी होगी। जिले के करीब 1.45 लाख उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब पुराने पोस्टपेड कनेक्शनों को स्मार्ट मीटर में बदलने के बाद प्रीपेड किया गया था, तब उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि को बिजली खपत में समायोजित कर दिया गया था। अब दोबारा पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के चलते उपभोक्ताओं को अपने किलोवाट भार के अनुसार सिक्योरिटी धनराशि जमा करनी होगी।
हालांकि राहत की बात यह है कि उपभोक्ताओं से सुरक्षा धनराशि पुरानी दरों के अनुसार ही ली जाएगी। विभाग ने इसके लिए चार माह का समय देने की तैयारी की है, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े। चार बिलों में सुरक्षा की धनराशि को वसूला जाएगा। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उपभोक्ताओं को जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
जून में जारी होगा पहला बिल
मई माह में उपभोक्ताओं द्वारा की गई बिजली की खपत का बिल जून माह में जनरेट किया जाएगा। प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल जारी कर दिए जाएंगे। बिल जारी होने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है तो उसके बाद सात दिन की विच्छेदन अवधि तय की गई है। इस दौरान भुगतान न होने पर विद्युत आपूर्ति काटी जा सकती है।
बकायेदारों को किश्तों में राहत
घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को विलंब अधिभार सहित 10 किश्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि का भुगतान तीन किश्तों में करना होगा। इसमें पहली किश्त 40 प्रतिशत तथा शेष दो किश्तें 30-30 प्रतिशत की होंगी।
मई में हुए रिचार्ज होंगे समायोजित
मई माह में उपभोक्ताओं द्वारा किए गए प्रीपेड रिचार्ज को आगामी बिलों में अग्रिम जमा धनराशि के रूप में दर्शाया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की संभावना है। इसे लेकर विद्युत विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि एक मई से लेकर 30 मई के बीच हुए रिचार्ज को एडवांस पेमेंट की भांति समायोजित किया जाएगा।