फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्तित्वविहीन प्रशिक्षण केंद्रों में दिया जा रहा था 135 विद्यार्थियों को कागजों पर प्रशिक्षण

विज्ञापन
विज्ञापन
135 विद्यार्थियों को कागजों पर दिया जा रहा था प्रशिक्षण
विज्ञापन

विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित थे प्रशिक्षण केंद्र
सीडीओ के निरीक्षण में हुआ था अस्तित्वविहीन केंद्रों का खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न माध्यमों के प्रशिक्षण केंद्रों की ओर अब प्रशासनिक अधिकारियों का संदेह गहराता जा रहा है। सीडीओ के निरीक्षण में हुए खुलासे के बाद अस्तित्वविहीन मिले कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों में कागजों पर 135 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि इन केंद्रों के संचालन की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों द्वारा शासन को लगातार दी जा रही थी। अब इस मामले शासन स्तर तक कार्रवाई किए जाने को लेकर पत्रावली तैयार की जा रही है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत ग्रामीण विकास एवं सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा जिले में कई प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में से गांव गंगचौली और आवास-विकास कॉलोनी स्थित केंद्रों का सीडीओ आरबी भास्कर ने निरीक्षण किया।
विज्ञापन

दोनों ही केंद्र अस्तित्वविहीन मिले। इन केंद्रों पर फर्नीचर, कंप्यूटर लैब, विद्युत आदि व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। यहां तक कि एक केंद्र पर तो बोर्ड तक नहीं मिला। जांच में सामने आया कि इन अस्तित्वविहीन केंद्रों पर कागजों पर ही 135 विद्यार्थियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके एवज में शासन स्तर से अनुदान भी लिया जा रहा है। अब इस मामले के सामने आने के बाद सीडीओ आरबी भास्कर ने बुधवार की शाम संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और पत्रावलियों को तलब किया है। अब इन केंद्रों सहित अन्य केंद्रों के बारे में शासन को अवगत कराए जाने को लेकर पत्रावलियों को तैयार किया जा रहा है।
केंद्रों के स्थलीय निरीक्षण के बाद इस संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन की इस योजना के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर दोनों ही केंद्र संचालित नहीं मिले हैं।
विज्ञापन

-आरबी भास्कर, सीडीओ
मेरे द्वारा विगत में किए गए निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्र संचालित थे। इन केंद्रों पर पांच बैच चलाए जा रहे थे। इन केंद्रों की इस स्थिति की मुझे कोई जानकारी नहीं है।
-विजय गोस्वामी, जिला प्रबंधक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें