विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय ने 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना सादाबाद क्षेत्र के एक गांव के निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली सादाबाद में तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक फरवरी 2019 को रात करीब 10:30 बजे उनकी 15 वर्षीय बेटी टॉयलेट जाने के लिए घर से बाहर निकली, उसी समय आरोपी सीपी उर्फ चंद्र प्रताप उनकी पुत्री को जबरन अपने घर में उठाकर ले गया।
जब उनकी पत्नी ने शोर मचाने का प्रयास किया तो उसने पुत्री का मुंह दबा लिया, जिससे वह शोर नहीं मचा पाई।
जब उन्होंने देखा कि पुत्री वापस नहीं आई है तो उन्होंने उसकी तलाश की। देखा कि उनकी पुत्री आरोपी के घर में से निकलकर वापस आ रही थी। पूछने पर पता चला कि आरोपी ने पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी सीपी उर्फ चंद्र प्रताप को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया।