कस्बे के 33 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े फीडरों पर सोमवार को सुरक्षा उपकरण लगाने और लाइनों की मरम्मत का कार्य किया गया। इस कारण इससे जुड़े फीडरों की विद्युत आपूर्ति 10 घंटे बाधित रही। बिना बिजली के कस्बा और क्षेत्र की करीब 15 हजार की आबादी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कस्बे के 33 केवी विद्युत उपकेंद्र प्रथम से टाउन प्रथम, टाउन द्वितीय, साउथ ईस्ट और औद्योगिक फीडरों को बिजली दी जाती है। इन उपकेंद्रों पर सोमवार की सुबह नौ बजे से कार्य की शुरुआत की गई। शाम करीब सात बजे तक यह काम किया गया। इस कारण कस्बे के अलावा क्षेत्र के गांव अजरोई, नगला मियां, बिजाहरी सहित करीब एक दर्जन गांवों की बिजली ठप रही।
सुबह बिना बिजली के लोगों को पानी के संकट का भी सामना करना पड़ा। बिना बिजली के लोगों के रोजमर्रा के काम चौपट पड़े रहे। पानी की जरूरत भी इधर-उधर से इंतजाम करके पूरी करनी पड़ी। फैक्टरियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी बिजली पर निर्भर काम ठप पड़े रहे। कारखानों में लेबर बेकार बैठी रही। जिन कारखानों में जनरेटर से उत्पादन किया गया, उनके माल की लागत भी बढ़ गई। उपखंड अधिकारी आशीष रत्न का कहना है कि मरम्मत कार्य के चलते विद्युत आपूर्ति बंद रखी गई थी। इस बारे में एक दिन पहले ही लोगों को सूचित कर दिया गया था।
-
बिजली न आने से काफी दिक्क्त हुई है। घर में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए हैं। पीने के पानी का भी संकट खड़ा हो गया। इधर-उधर से पानी लाकर काम चलाना पड़ा।
-मोहन सिंह, अजीत नगर
बिजली की कटौती के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए सुबह रोजमर्रा के काम ही नहीं हो पाए। पूरे दिन बिजली आने का इंतजार करते रहे।
-बांकेलाल, सासनी।
-
10 घंटे की विद्युत कटौती से काफी परेशानी हुई। दुकान में लगा इन्वर्टर भी जवाब दे गया। घरेलू कामकाज पूरे दिन चौपट पड़े रहे। शाम को बिजली आने पर ही काम हो सके।
कुलदीप गुप्ता, सासनी।