राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ने के लिए लंबे अर्से से इंतजार कर रहे अलीगढ़, हाथरस और मथुरा के बाशिंदों के लिए खुशखबरी है। इन तीनों जिलों को एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन) में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है।
एनसीआर के आयुक्त ने अलीगढ़ और आगरा के कमिश्नर से 77 बिंदुओं पर दोनों जिलों की स्थिति को लेकर विस्तृत ब्योरा मांगा है।
नेशनल कैपिटल रीजन आयुक्त ने अलीगढ़ के कमिश्नर टी. वेंकटेश को भेजे पत्र में कहा है कि भविष्य में इन तीनों जिलों को एनसीआर में शामिल करने की योजना है।
कमिश्नर ने अलीगढ़ और हाथरस दोनों जिलों के डीएम को पंद्रह दिन के अंदर ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जिसे वे स्वयं अपने स्तर से भेजेंगे।
कमिश्नर का मानना है कि एनसीआर के एक्सपर्ट अधिकारियों की मंशा है कि दिल्ली में आबादी का घनत्व कम किया जाए और यह तभी संभव है जब राजधानी के आसपास के शहरों में बुनियादी सुविधाएं हों ताकि वहां से आबादी का पलायन रोका जा सके।
कमिश्नर के मुताबिक अलीगढ़ के टप्पल और हाथरस में एक्सप्रेसवे से सटे सादाबाद पर विकास पर फोकस हो सकता है, क्योंकि इन दोनों कस्बों के बारे में ज्यादा जानकारियां मांगी गईं हैं।
इसके अलावा जीटी रोड पर भांकरी और रेलवे ट्रैक के सहारे अलीगढ़ तक एनसीआर की सुविधाएं प्रदान करने की संभावनाएं हैं।