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बुलंदियों पर पहुंचे युवाओं ने छुआ आसमान, जिले को मिली पहचान

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हरदोई। देश को आगे ले जाने में युवा शक्ति का विशेष योगदान है। प्रधानमंत्री भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। ऐसे में जिले के भी कुछ युवाओं ने देश में अलग पहचान बनाई है। जिला उनके कार्यों से गौरवान्वित है। वह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर इन प्रतिभाओं के बारे में आप भी जानकर आगे बढ़ने का संकल्प ले सकते हैं। क्योंकि कुछ हटकर करने वाले अलग ही मुकाम पाते हैं।
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डीआईजी सत्यवीर के नाम से जाना जाता है गांव पलिया
ब्लाक हरपालपुर का गांव पलिया डीआईजी सत्यवीर सिंह के नाम से जाना जाता है। छोटे से गांव से डीआईजी पद पर पहुंचे सत्यवीर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। पलिया निवासी शिक्षक अशोक यादव के बेटे सत्यवीर की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। आईपीएस सत्यवीर सिंह यादव इन दिनों बिहार के मुंगेर में विशेष सशस्त्र बल में कमांडेंट हैं। वह 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। हाल ही में जारी प्रोन्नत सूची में उनको पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत किया गया। उनका कहना है कि हम गांव में पढ़े हैं या शहर में, प्राइमरी में पढ़े या कांवेंट में यह बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात है यह है कि हमने पढ़ाई कितनी लगन से की है। वह जब भी गांव आते हैं तो युवाओं को आगे बढ़ने की सीख जरूर देते हैं।
जिले में 500 से ज्यादा टूर्नामेंट करा चुके
शहर के कैनाल रोड निवासी गोपाल नारायण मिश्रा 10-स्क्वायर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ ऑफ इंडिया के महासचिव हैं और हरदोई हॉकी के सचिव, तलवारबाजी संघ के कोषाध्यक्ष भी हैं। वह बताते हैं कि करीब 15 साल में जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय स्तर के करीब 500 से ज्यादा टूर्नामेंट हरदोई में करा चुके हैं। 24 साल की उम्र में पहली बार उन्होंने बालिकाओं की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता भी कराई है।
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पुलिस कर्मी का खेल प्रेम निखार रहा प्रतिभाएं
सिटी मजिस्ट्रेट के गनर (पुलिस विभाग में कांस्टेबल) इमरान खान ने चार दिसंबर 2014 को फुटबॉल क्लब की शुरुआत की। उन्होंने इसे इमरान डिस्ट्रिक्ट फुटबाल क्लब का नाम दिया। वह नौकरी के साथ खेल प्रेम को भी बखूबी जीते हैं। हुनरमंदों को मुफ्त ट्रेनिंग देते हैं और सारा सामान भी देते हैं। इमरान कहीं न कहीं खेल जगत के लिए मिसाल हैं।
कोरोना काल में समूह बनाकर की मदद
सुनील फाउंडेशन के बैनर तले चलाए गए अभियान मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी के तहत युवा कोरोना राहत किटों को बांटकर ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहे हैं। अभियान के संचालक उदित मोहन पाठक ने बताया कि फाउंडेशन कोरोना योद्धाओं के साथ जुड़कर लोगों को मदद दे रही है। दूसरी लहर में एक समूह बनाया गया। इसमें जिले के 50 युवाओं को जोड़ा गया। उन्होंने 50 गांवों में लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया।
घर-घर जाकर दिया परामर्श
गांव सैतियापुर के रहने वाले डॉ. अजय सिंह ने कोरोना काल में घर-घर जाकर लोगों को परामर्श दिया। 200 से अधिक लोगों को कोरोना से बचाकर बाहर लाए। यही नहीं फोन पर रोजाना उन्होंने नि:शुल्क लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया। उनके कार्य को देखकर लोगों की नजरों में धरती के भगवान का कद और बढ़ गया।
शिक्षक ने काव्य मंच पर बनाई पहचान
चौहान थोक निवासी अजीत शुक्ल शिक्षक हैं पर अपनी हास्य रचनाओं से वह देश भर में जिले का परचम लहरा चुके हैं। टीवी शो लपेटे में नेता जी सहित कई कार्यक्रमों में प्रतिभा प्रदर्शित कर चुके हैं। उन्होंने स्वर्गीय मां की स्मृति में आशा फाउंडेशन की भी स्थापना की है। जिसके माध्यम से कई साहित्यिक विभूतियों को सम्मानित किया जा रहा है।
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