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मैदान, जिम न होने से युवा मायूस

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हरियावां। कस्बे में ब्लॉक होने के बावजूद खेल मैदान और जिम नहीं है। इससे युवाओं में निराशा है। पुलिस व अन्य भर्तियों की तैयारी कर रहे युवाओं ने जिम सेंटर बनाने की मांग की थी।
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उन्होंने तत्कालीन बीडीओ संध्या रानी को इस संबंध में अवगत कराया था। उन्होंने ब्लॉक भवन के सामने मैदान में ओपन जिम बनाने का आश्वासन भी दिया था।
यह मांग पूरी होने से पहले ही उनका तबादला हो गया। इससे अब तक युवाओं की मांग पूरी नहीं हो सकी है। हरियावां व लोहकनपुर गांव में आपस में जुड़े होने से आबादी लगभग पांच हजार के करीब है।
दोनों गांव में कोई खेल मैदान नहीं है। वहीं, अधिकांश खाली पड़ी जमीनों पर बिल्डिंग बन गई हैं। कस्बे के आसपास कोई बड़ा ग्राउंड भी नहीं बचा है। ऐसे में जो युवा सेना व पुलिस आदि में भर्ती के लिए तैयारी कर रहे, उन्हें मायूस होना पड़ रहा है।
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खास बात यह है कि ब्लॉक स्तर का गांव होने के बावजूद भी हरियावां में कोई खेल मैदान की स्वीकृति नहीं दी गई। ऐसे में कस्बे के युवा सड़क के किनारे दौड़ लगाते हैं। वहीं इस समय गन्ने का सीजन होने से युवाओं को दौड़ लगानी भी बंद करनी पड़ी है।
मनोज मिश्रा ने बताया कि खेल मैदान नहीं होने से उन्हें सेना व पुलिस में भर्ती के लिए तैयारी करने में समस्या आ रही है। गौरव अवस्थी ने बताया कि ब्लॉक स्तर का गांव होने के बावजूद भी कोई भी खेल मैदान नहीं है।
यह दुर्भाग्य पूर्ण है। पुनीत मिश्रा ने कहा कि एक खेल मैदान और ओपन जिम होना जरूरी है। मृत्युंजय पाठक ने बताया कि खेलकूद से सेहत के अलावा मान भी स्वस्थ रहता है, इसलिए खेल मैदान जरूरी है।
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प्रधान पति हरियावां राजा बेटा ने बताया कि ग्रामसभा में खेल मैदान के लिए जमीन की जानकारी करके विचार किया जाएगा। समस्या का हल जल्द ही निकाला जाएगा।
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