देश पर जान न्योछावर कर शहीदों मेें अपना नाम शुमार
करवाने वाले शहादत से पूर्व देश की सीमा पर तो उसके बाद भारत देश के
देशभक्तों के दिलों पर राज क रते हैं। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा
सकता।
सैनिक कल्याण पुनर्वास कार्यालय में सोमवार को हुए भूतपूर्व सैनिकों
के सम्मेलन का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि अतिरिक्त निदेशक सैनिक
कल्याण कर्नल एचएन कौशल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस जिले के वीर
शहीदों ने अपने देश के लिए शहादत देकर जिले को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को
गौरवान्वित किया है।
यहां के शहीदों ने सेना का मान सम्मान के साथ अशोक
चक्र सहित कई बड़े बड़े पुरस्कार प्राप्त किए हैं। जिला सैनिक कल्याण
अधिकारी कर्नल लक्ष्मीकांत तिवारी ने कहा कि देश की आजादी में जिले के
सैनिकों का बड़ा योगदान रहा है। इस जिले में लगभग चार हजार भूतपूर्व सैनिक
हैं।
उन्होंने सशस्त्र झंडा दिवस, सहायता आवंटन, कोटे की दुकान आवंटन, शादी
अनुदान, पेंशन वितरण आदि की जानकारी दी। इस मौके पर 15 वीर नारियों,
द्वितीय विश्व युद्ध के 11 पूर्व सैनिक एवं 35 आश्रित विधवाओं को सम्मानित
किया गया। इस मौके पर नाबार्ड के प्रबंधक मेजर राजीव मोहन, विनोद
राम, लाखन सिंह, स्नेह लता आदि मौजूद थे।
उधर, सशस्त्र झंडा दिवस पर 15
वीर नारियों को सम्मानित किया गया, जिनमें रामादेवी, फूलमती, राजकुमारी,
राजेश्वरी, कृष्णा कुमारी, रईसा बेगम, सोमवती, प्रेमवती, बेबी, राजरानी,
रामदेवी, रामदेवी, फिरदोस बेगम, मीना देवी आदि शामिल रही। इन्हें एक गिफ्ट
पैक व एक साल भेंट की गई।
इसके अलावा द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक
पूरन लाल, पुत्तू, अब्दुल शकूर, बच्चू सिंह, रफीक खां, राम लोटन, मैकू,
लज्जाराम, टीकम, तिलक सिंह, जगरूप सिंह आदि को भी सम्मानित किया गया। इसके
अलावा 35 वीर नारियों को सम्मानित किया गया।